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चाय की केतली लेकर कांग्रेस विधायकों का अनोखा प्रदर्शन, बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

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📍 भोपाल
चाय की केतली लेकर कांग्रेस विधायकों का अनोखा प्रदर्शन, बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
18 दिसंबर 2024। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायकों ने बेरोजगारी के मुद्दे पर अनोखा प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधायकों ने हाथों में चाय की केतलियां और गिलास लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। गांधी प्रतिमा के पास हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने बेरोजगारी, कर्ज और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार ने युवाओं को 2 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं हुआ। पुलिस, संविदा शिक्षक और डॉक्टरों की भर्तियां रुकी हुई हैं। उन्होंने तंज कसा, "क्या अब युवा मोदी जी की तरह चाय बेचेंगे?" सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल युवाओं के साथ है और सरकार को रोजगार के मुद्दे पर जवाब देना होगा।



बीजेपी के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा, "चाय बेचने वाले भी 2-4 हजार रुपए रोज कमा लेते हैं। जरूरी नहीं कि हर किसी को क्लास-1 की नौकरी मिले।"

अनुपूरक बजट पर चर्चा में कर्ज का मुद्दा
आज विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सरकार की वित्तीय नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "ऐसी क्या स्थिति है कि सरकार को हर 15 दिन में कर्ज लेना पड़ रहा है? जनता पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ाया जा रहा है। सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि उनके पास कोई फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं है।"

कटारे ने बीजेपी के संकल्प पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद मान चुके हैं कि 90% संकल्प अधूरे हैं। ऊर्जा विभाग का 18,000 करोड़ का बजट था, लेकिन अब तक सिर्फ 9,000 करोड़ खर्च हुए हैं। फिर से 8,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आखिर यह स्थिति क्यों है?

अमित शाह की टिप्पणी पर कांग्रेस का विरोध
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डॉ. भीमराव अंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस ने विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "यह पूरे देश के दलितों का अपमान है। सरकार को इस पर माफी मांगनी चाहिए।"

सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। शोर-शराबे के बीच स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सैलाना विधायक का अनिश्चितकालीन मौन व्रत
सैलाना के कांग्रेस विधायक कमलेश्वर डोडियार ने गालीबाज डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन मौन व्रत शुरू किया। उन्होंने अपनी बात 5 बिंदुओं में लिखकर रखी:
डॉक्टर के गाली देने से 12 करोड़ से अधिक आदिवासी अपमानित हुए।
झूठी रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया।
डॉक्टर के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सदन में उनकी आवाज दबाई गई, और माइक बंद कर दिया गया।
विधानसभा का सत्र संवैधानिक परंपराओं के अनुसार नहीं चल रहा।

सदन की कार्यवाही बढ़ाने की मांग
ग्वालियर के कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने विधानसभा की बैठकें बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा, "हमें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल रहा। क्षेत्र की जनता के सवाल अनुत्तरित रह जाते हैं। प्रश्नकाल का समय बढ़ाया जाए या विधानसभा के दिन बढ़ाए जाएं।"

नगरीय विकास में संशोधन और जुर्माने की नई दरें
विधानसभा में जन विश्वास संशोधन विधेयक पेश किया गया। इसमें नगरीय विकास, आवास और श्रम से जुड़े कानूनों में बदलाव प्रस्तावित हैं। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने, अवैध निर्माण या जल निकासी में बाधा डालने पर अब 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा।

इस संशोधन के तहत नगरीय निकाय को ऑन-द-स्पॉट पेनल्टी वसूलने का अधिकार दिया गया है। सड़क पर पानी बहाने, अवैध कनेक्शन, और बिना अनुमति नाली निर्माण पर भी जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है।

सत्र का तीसरा दिन हंगामेदार
कांग्रेस के प्रदर्शन, कर्ज पर चर्चा, और बीजेपी के जवाबी तंज के बीच विधानसभा का तीसरा दिन हंगामेदार रहा। बेरोजगारी और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
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