🔴 TRENDING NOW!
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस AI की कमाई पर उठे सवाल, टेक शेयरों में 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी गिरावट भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं, आयु सीमा पार कर रहे अभ्यर्थी

पुरानी नीतियां, नई बहस: ट्रंप की आव्रजन नीति फिर से चर्चा में

👤
prativad
👁 1774 व्यूज
📍 भोपाल
पुरानी नीतियां, नई बहस: ट्रंप की आव्रजन नीति फिर से चर्चा में
1619 में पुर्तगाली व्यापारी अफ्रीका के गाम्बिया नदी के तट से मजबूत कद-काठी के अफ्रीकी युवाओं और महिलाओं को जबरन पकड़कर, जंजीरों में जकड़कर, जहाजों में भरकर अटलांटिक महासागर पार ले गए। इन अफ्रीकियों को अमेरिका के वर्जीनिया की गुलाम मंडी में बेचा गया। यह खरीद-फरोख्त आगे चलकर "अटलांटिक गुलाम व्यापार" (Atlantic Slave Trade) के रूप में कुख्यात हुई।

अफ्रीका से हजारों-लाखों लोगों को जहाजों में भरकर अमेरिका लाया गया और गुलाम मंडियों में नीलामी कर बेचा गया। इन गुलामों ने अपनी कड़ी मेहनत से अमेरिका के गन्ना और कपास के विशाल बागानों के मालिकों को अमीर बना दिया। उनकी मेहनत से अमेरिका में सड़कें बनीं, भव्य इमारतें खड़ी हुईं, लेकिन यह सब उनकी अमानवीय दुर्दशा और शोषण की कीमत पर हुआ।

अमेरिका में गुलामी: 15वीं सदी से 1865 तक
15वीं सदी से 1865 तक करीब 1.2 करोड़ अफ्रीकी गुलामों को अमेरिका लाया गया। उन्हें नागरिकता का अधिकार तक नहीं दिया गया था। लेकिन 1865 में अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने गुलामी प्रथा को समाप्त कर करोड़ों गुलामों को आज़ादी दिलाई।

संविधान में संशोधन और नागरिकता का अधिकार
1868 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति एंड्रू जॉनसन ने ब्लैक अफ्रीकन को नागरिकता देने के उद्देश्य से अमेरिकी संविधान में दो महत्वपूर्ण

संशोधन किए:
अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति अमेरिकी नागरिक होगा।
अमेरिका में जन्म लेने वाले किसी भी बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिलेगी, चाहे उसके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेटस कुछ भी हो।

20वीं सदी में इस कानून का असर और ट्रंप का विरोध
20वीं सदी में इस कानून का फायदा वियतनामी, कोरियाई और भारतीय प्रवासियों ने भी उठाया, जिससे अमेरिका में प्रवासी समुदायों की संख्या बढ़ी। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप अब इस कानून को खत्म करने पर आमादा हैं।

क्या अमेरिका अपने ही ऐतिहासिक नागरिकता कानून में बदलाव करेगा? क्या यह फैसला फिर से लाखों लोगों के भविष्य को प्रभावित करेगा? यह सवाल अब अमेरिका की राजनीति और समाज में गहराई से चर्चा का विषय बना हुआ है।
Tags :