🔴 TRENDING NOW!
कंगना रनौत ने Gen Z को 'जेनरेशन गटर' कहने के बाद खुद को बताया Gen Alpha, बोलीं: सीधे मुद्दे की बात करो 'स्पिरिट' विवाद में नया दावा: दीपिका पादुकोण को पूरी कहानी कभी सुनाई ही नहीं गई? 44 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा पीने का पानी, इसलिए परिवारों के करीब जाकर समझें परेशानी सीएम डॉ. मोहन का मास्टर स्ट्रोक, फिर शुरू होगी कैलारस शुगर मिल, जानें कब खुलेंगे टेंडर? "सजग मन ही सफलता की कुंजी है", स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने आरएनटीयू में छात्रों से किया संवाद, बताए मेडिटेशन के फायदे क्या AI डॉक्टरों से बेहतर इलाज कर पाएगा? नई मेडिकल बहस ने बढ़ाई चिंता क्या AI इंसानों के कंट्रोल से बाहर हो रहा है? OpenAI ने ट्रेनिंग की रफ्तार घटाई कानून-व्यवस्था में लापरवाही या पद का दुरुपयोग अस्वीकार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध सीएम डॉ. मोहन, जानें कैसे और मजबूत की टेक होम राशन व्यवस्था स्कोडा ऑटो इंडिया ने नई स्लाविया के साथ अपनी सेडान विरासत का अगला अध्याय शुरू किया

बारिश से आठ की मौत, सीएम ने बुलाई आपात बैठक

👤
Admin
👁 19070 व्यूज
📍 1
बारिश से आठ की मौत, सीएम ने बुलाई आपात बैठक
प्रदेश में पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एक दर्जन जिलों की कई बस्तियां जलमग्न हैं, तो अतिवर्षा के चलते भोपाल सहित प्रदेश में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। चार हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के हालात को देखते हुए शनिवार को आपात बैठक बुलाई। इसमें अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय लोगों से संपर्क में रहें और जरूरत पड़ने पर सेना को भी मदद के लिए बुलाएं। उधर, रविवार को राजधानी में हलाली डैम पर प्रस्तावित कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभार के जिलों में पहुंचें।

पिछले 24 घंटे में हुई तेज बारिश के कारण भोपाल, पन्ना, रीवा, सतना, हरदा, सीहोर, होशंगाबाद, विदिशा, बैतूल सहित अन्य जिलों में बाढ़ के हालात हैं। निचली बस्तियों में पानी भर गया है। भोपाल में दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में पानी भर गया।बारिश के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आला अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे प्रदेश की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन दल तैयार रहें। सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए कार्रवाई करें।

किसी भी स्थिति में प्रभावितों को परेशानी न हो। बांधों से पानी एक साथ न छोड़ा जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अति वर्षा से प्रभावित रीवा, सागर और भोपाल संभाग में स्थिति काबू में है। सतना में 600 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।

Tags :