🔴 TRENDING NOW!
भारतीय संस्कृति में सिर्फ पर्यटन नहीं, तीर्थाटन की भावना महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुमार सानू, शंकर महादेवन और जावेद अली ‘सा रे गा मा पा 2026’ के दिवाली स्पेशल एपिसोड में जमाएंगे सुरों की महफिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस

भारत ने प्रमुख सैन्य उपकरणों की खरीद को दी मंजूरी

👤
prativad
👁 2692 व्यूज
📍 नई दिल्ली
भारत ने प्रमुख सैन्य उपकरणों की खरीद को दी मंजूरी
21 मार्च 2025। भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 540 बिलियन रुपये (लगभग $6.26 बिलियन) के हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद को प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा गुरुवार को इस निर्णय की घोषणा की गई।

प्रस्तावित अधिग्रहण में भारतीय सेना के रूस निर्मित टी-90 युद्धक टैंकों के लिए उन्नत इंजन, नौसेना के लिए अतिरिक्त पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो और वायु सेना के लिए हवाई पूर्व चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, टी-90 टैंक इंजन की खरीद से भारत के सबसे शक्तिशाली युद्धक टैंकों की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2024 में भारत ने अपने टी-90 भीष्म टैंकों के बेड़े का ओवरहाल किया था, जिससे उनके जीवनकाल को कम से कम 20 वर्षों तक बढ़ाया जा सके।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत की सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) की खरीद के लिए 823 मिलियन डॉलर के सौदे को मंजूरी दी है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना ने घरेलू रूप से विकसित इन 155 मिमी हॉवित्जर तोपों की 307 यूनिट खरीदने का निर्णय लिया है।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 2013 में ATAGS परियोजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य पुरानी तोपों को आधुनिक 155 मिमी आर्टिलरी सिस्टम से बदलना था। इंडिया टुडे के अनुसार, इन तोपों का निर्माण भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा किया जाएगा। उत्पादन को दोनों कंपनियों के बीच विभाजित किया जाएगा, जिसमें भारत फोर्ज 60% और TASL 40% तोपों का निर्माण करेगी।

एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ATAGS पुरानी 105mm और 130mm तोपों को प्रतिस्थापित करेगी, जिससे भारत की सीमाओं पर सैन्य क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। अधिकारी ने यह भी बताया कि ATAGS के 65% से अधिक घटक घरेलू स्तर पर निर्मित किए गए हैं, जिनमें बैरल, थूथन ब्रेक, ब्रीच मैकेनिज्म, फायरिंग और रिकॉइल सिस्टम तथा गोला-बारूद हैंडलिंग मैकेनिज्म शामिल हैं।

भारतीय सेना 1,580 ATAGS तोपों को तैयार करने की योजना बना रही है, जिनकी रेंज 48 किलोमीटर (27.3 मील) तक होगी। रिपोर्ट के अनुसार, इन तोपों को माउंटेड गन सिस्टम में बदला जा रहा है, और 2026 तक इनके परीक्षण पूरे होने की उम्मीद है। साथ ही, भारत को ATAGS के लिए निर्यात ऑर्डर भी मिल रहे हैं।

ATAGS के अलावा, भारतीय सेना अपनी पिनाका रॉकेट सिस्टम क्षमताओं का विस्तार करना चाहती है। वर्तमान में चार पिनाका रेजिमेंटें तैनात हैं, और भविष्य में इनकी संख्या 22 तक बढ़ाने की योजना है।
Tags :