🔴 TRENDING NOW!
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ नई स्‍कोडा स्‍लेविया जो कहे सबकुछ — स्टाइल, दमदार खूबियों और आत्मविश्वास के साथ 50 लाख बच्चों ने बुना 'मेरे सपनों का भारत,' सीएम डॉ. मोहन ने विजेताओं को दिए पुरस्कार, कहा- बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार सीएम डॉ. मोहन ने एसआईआर को बताया जरूरी, कहा- भ्रम या अफवाह पर नागरिक न दें ध्यान Good News: कूनो में KJP21 ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई एशियन गेम्स के 85 में से 29 पदकों में रिलायंस फाउंडेशन का योगदान, नीता अंबानी ने दी बधाई प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर, 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव Apple ला रहा Mac के लिए नए प्राइवेसी कंट्रोल, AI एजेंट्स के बढ़ते डेटा जोखिम पर चेतावनी यामी गौतम की मीडिया से अपील: AI से तस्वीरों में बिना मंजूरी बदलाव न करें चीन की रोबोट क्रांति: ह्यूमनॉइड मशीनों से AI दिमाग तक की बड़ी तैयारी

पुरुषों के दर्द को आवाज देती "हाय जिंदगी” 14 नवंबर को होगी रिलीज़

👤
prativad
👁 1110 व्यूज
📍 भोपाल
पुरुषों के दर्द को आवाज देती "हाय जिंदगी” 14 नवंबर को होगी रिलीज़
पुरुषों के मौन दर्द पर बोलेगा पर्दा, 14 नवंबर को आएगी “हाय जिंदगी”

31 अक्टूबर 2025। समाज में जहां अब तक ज्यादातर कहानियाँ महिलाओं के शोषण पर केंद्रित रही हैं, वहीं फिल्म “हाय जिंदगी” इस सोच को तोड़ती नजर आती है। निर्देशक अजय राम और निर्माता सुनील कुमार अग्रवाल की यह फिल्म 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।

रियल घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म पुरुषों के शारीरिक और मानसिक शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दे को सामने लाती है — एक ऐसा विषय, जिस पर अक्सर चुप्पी साध ली जाती है। गौरव सिंह, गरिमा सिंह, आयुशी तिवारी, सोमी श्री, दीपांशी और ऋषभ शर्मा जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म मथुरा में फिल्माई गई है।

निर्माता सुनील कुमार अग्रवाल, जो पेशे से वकील भी हैं, का कहना है — “अगर कोई पुरुष किसी महिला से प्रताड़ित होता है, तो उसे भी शिकायत दर्ज करने का अधिकार मिलना चाहिए। समाज को अब पुरुषों की सुरक्षा पर भी गंभीरता से सोचना होगा।”

फिल्म न केवल एक सामाजिक संदेश देती है, बल्कि यह उस अनकहे दर्द को आवाज देती है जो अक्सर परदे के पीछे दबा रह जाता है।


— अनिल बेदाग
Tags :