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हैरीटेज वॉक के जरिए राजधानीवासियों ने की भोपाल के शानदार अतीत की यात्रा

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प्रतिवाद
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📍 Bhopal
हैरीटेज वॉक के जरिए राजधानीवासियों ने की भोपाल के शानदार अतीत की यात्रा
25 दिसम्बर 2016, पंजाब के आर्कीटेक्चर कॉलेज सहित शहर के लगभग 300 विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में भोपालवासियों ने रविवार की सुबह माय कल्चर, माय भोपाल नामक हैरीटेज वॉक में भाग लेकर भोपाल के शानदार अतीत की कहानी बयां करते ऐतिहासिक महत्व के महलों, तालाबों, मंदिरों, मस्जिदों, मकबरों आदि का भ्रमण किया। रानी कमलापति महल, छोटा तालाब से आरंभ हुई 5 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा में लगभग 18 महत्वपूर्ण स्थलों से होती हुई ताज महल पैलेस, शाहजहांनाबाद जाकर समाप्त हुई। मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, एप्रोच एजूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी तथा बिग एफएम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस हैरीटेज वॉक का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता फैलाना था। प्रदेश के जाने माने आर्कीटेक्ट एस.एम. हुसैन ने इस वॉक का न सिर्फ नेतृत्व किया बल्कि वॉक में शामिल लोगों को प्रत्येक धरोहर का इतिहास व उससे जुड़ी अन्य रोचक जानकारियां विस्तारपूर्वक बताईं। गैस राहत एवं पुनर्वास मंत्री विश्वास सारंग ने भी इस वॉक में हिस्सा लिया व इस वॉक को महत्वपूर्ण बताया।



हैरीटेज वॉक जिन प्रमुख स्थलों से होकर गुजरी उसमें बड़ा तालाब, सदर मंजिल, गौहर महल, मोती महल, ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद तथा फैज मोहम्मद का मकबरा आदि शामिल थे।



इस हैरीटेज वॉक में शामिल प्रतिभागियों का मानना था कि पुराने भोपाल की गलियों व सड़कों से होकर तो हम कई बार गुजरते हैं लेकिन यह पहला मौका था जब हमें यहां मौजूद इमारतों के गौरवशाली अतीत से जुड़ी संस्कृति, इतिहास, आर्कीटेक्चर और इनसे जुड़ी बहुत सी बातों की जानकारी मिली। वहीं पंजाब से आए विद्यार्थियों ने कहा कि वे परमार राजाओं से लेकर मुगल व नवाबी दौर की आर्कीटेक्चर को देखकर अभिभूत हुए तथा वे यहां से बहुत सारी जानकारियों की पूंजी लेकर जा रहे हैं।



मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक-मार्केटिंग युवराज पटोले ने कहा कि भोपाल का पुरातात्विक, ऐतिहासिक और राजनैतिक अतीत बहुत समद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से यहां बहुत कुछ देखने व जानने लायक है।



हैरीटेज वॉक की आयोजक संस्था एप्रोच एजूकेशन एवं वेलफेयर सोसायटी के प्रमुख शाहवर ने एक चीनी कहावत का उद्धरण देते हुए कहा कि वॉक पर जाकर आप एक किताब से ज्यादा ज्ञान अर्जित करते हैं। लोग अब इस बात पर ज्यादा गौर कर रहे हैं और घरों से निकलकर जानने समझने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अब कहीं और जाने से पहले अपने शहर को जानने की कोशिश ज्यादा कर रहे हैं।
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