🔴 TRENDING NOW!
भोपाल की काली बाड़ी में दुर्गा पूजा का 70वां वर्ष, सुनहरी प्रतिमा और प्रकृति थीम बनी आकर्षण इंदौर अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम डॉ. मोहन का फोकस शहरों के भविष्य पर, जानें कैसे बदलेगी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तस्वीर राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत में Tesla Roadster की बुकिंग शुरू, ₹5.01 लाख से करना होगा भुगतान, जानें पूरी कीमत बिजनेस मीटिंग से ग्लोबल समिट तक, MICE पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश भारत स्वस्तिक यात्रा का झाँसी पड़ाव: मोरारी बापू ने कहा, स्वस्तिक का केंद्र बिंदु परब्रह्म परमात्मा हैं, जिनका नाम राम है पासवर्ड था ‘123456’, खतरे में पड़ गई 88 लाख लोगों की पहचान! डीपी वर्ल्ड भारत में दिव्यांग लोगों के लिए गोल्फ के नए अवसर उपलब्ध कराएगा भारत स्वस्तिक यात्रा की ओंकारेश्वर में रामकथा ने आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत को किया रेखांकित भोपाल में इलेक्रामा रोड शो, भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका पर जोर

एआई आधारित औषधि खोज पर CSIR की कार्यशाला संपन्न, वैज्ञानिकों को मिली उन्नत तकनीकों की ट्रेनिंग

👤
prativad
👁 758 व्यूज
📍 भोपाल
एआई आधारित औषधि खोज पर CSIR की कार्यशाला संपन्न, वैज्ञानिकों को मिली उन्नत तकनीकों की ट्रेनिंग
10 अप्रैल 2026। गाजियाबाद स्थित CSIR-Human Resource Development Centre में 7 से 9 अप्रैल 2026 तक “एआई-संचालित औषधि खोज: उन्नत उपकरण, तकनीक और अनुप्रयोग” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम खास तौर पर CSIR के वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों के लिए तैयार किया गया था, जिसमें उन्हें आधुनिक ड्रग डिस्कवरी में उपयोग हो रहे एआई टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन IIT Hyderabad के प्रोफेसर जी.एन. शास्त्री, केंद्र प्रमुख डॉ. टी.एस. राणा और कार्यक्रम संयोजक डॉ. विनय कुमार की मौजूदगी में हुआ। वक्ताओं ने बताया कि एआई दवा खोज की प्रक्रिया को तेज और सटीक बना रहा है, और फार्मा रिसर्च में इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच अब जरूरी हो गई है।

तीन दिनों में विभिन्न विशेषज्ञों ने लेक्चर और इंटरैक्टिव सत्र लिए। इनमें NIPER SAS Nagar, IBAB और Tata Consultancy Services से जुड़े विशेषज्ञ शामिल रहे।

तकनीकी सत्रों में एआई के जरिए टारगेट और बायोमार्कर पहचान, मॉलिक्यूलर डॉकिंग और सिमुलेशन जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा हुई, जिससे प्रतिभागियों को कम्प्यूटेशनल ड्रग डिजाइन की बेहतर समझ मिली।

कार्यशाला का समापन 9 अप्रैल को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी और प्रासंगिक बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

कुल मिलाकर, यह कार्यशाला एआई आधारित दवा खोज के क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और नवाचार को बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच साबित हुई।
Tags :