🔴 TRENDING NOW!
पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ नई स्‍कोडा स्‍लेविया जो कहे सबकुछ — स्टाइल, दमदार खूबियों और आत्मविश्वास के साथ 50 लाख बच्चों ने बुना 'मेरे सपनों का भारत,' सीएम डॉ. मोहन ने विजेताओं को दिए पुरस्कार, कहा- बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार सीएम डॉ. मोहन ने एसआईआर को बताया जरूरी, कहा- भ्रम या अफवाह पर नागरिक न दें ध्यान Good News: कूनो में KJP21 ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई एशियन गेम्स के 85 में से 29 पदकों में रिलायंस फाउंडेशन का योगदान, नीता अंबानी ने दी बधाई प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर, 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव Apple ला रहा Mac के लिए नए प्राइवेसी कंट्रोल, AI एजेंट्स के बढ़ते डेटा जोखिम पर चेतावनी यामी गौतम की मीडिया से अपील: AI से तस्वीरों में बिना मंजूरी बदलाव न करें

छात्रों को तैयार कर रहा डब्लूपीयू गोवा का अनोखा मॉडल

👤
prativad
👁 658 व्यूज
📍 भोपाल
छात्रों को तैयार कर रहा डब्लूपीयू गोवा का अनोखा मॉडल
एआई के दौर में डब्लूपीयू गोवा ने दिखाया भविष्य का रास्ता

मुंबई 22 जून 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलती तकनीकों के इस युग में करियर की परिभाषा लगातार बदल रही है। ऐसे समय में उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल देना है जो उन्हें जीवन भर बदलती परिस्थितियों में सफल बनाए रखें। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए डब्लूपीयू गोवा ने अपने ‘ट्रांसडिसिप्लिनरी’ शिक्षा मॉडल के माध्यम से भविष्य की शिक्षा का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।

मुंबई में आयोजित ‘ओपन हाउस’ कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाला समय केवल विषय विशेषज्ञों का नहीं, बल्कि उन लोगों का होगा जो विभिन्न क्षेत्रों की समझ को जोड़कर नई चुनौतियों का समाधान कर सकें।

डब्लूपीयू गोवा के वाइस चांसलर प्रोफेसर वाल्टर लील ने कहा, “हम छात्रों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि जीवन भर सीखने, नेतृत्व करने और हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता देना चाहते हैं।” वहीं प्रो-वाइस चांसलर डॉ. आशीष भारद्वाज का मानना है, “भविष्य उन लोगों का है जो लगातार सीख सकते हैं, नए विचारों को जोड़ सकते हैं और पारंपरिक सीमाओं से बाहर सोच सकते हैं।”

चर्चा में यह स्पष्ट हुआ कि जिज्ञासा, अनुकूलन क्षमता और आजीवन सीखने की प्रवृत्ति अब तकनीकी ज्ञान जितनी ही महत्वपूर्ण बन चुकी है। डब्लूपीयू गोवा का मानना है कि उच्च शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य छात्रों को केवल आज के लिए नहीं, बल्कि उन अवसरों के लिए भी तैयार करना है जिनकी कल्पना आज संभव नहीं है।

(अनिल बेदाग)
Tags :