3 जुलाई 2026। करीब तीन साल तक विवादों और सेंसरशिप के कारण अटकी रही दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पंजाब 95' आखिरकार 'सतलुज' नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हो गई है। खास बात यह है कि फिल्म को निर्देशक के मूल विज़न के साथ बिना किसी कट के प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है और इसमें दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 3 जुलाई 2025 को ZEE5 पर स्ट्रीम हुई।
सेंसर विवाद के चलते तीन साल तक अटकी रही फिल्म
फिल्म का मूल शीर्षक 'घल्लूघारा' रखा गया था, जो सिख इतिहास की दर्दनाक घटनाओं से जुड़ा एक ऐतिहासिक शब्द है। बाद में निर्माताओं ने 2022 के अंत में फिल्म को CBFC के पास प्रमाणन के लिए भेजा। करीब छह महीने की प्रक्रिया के बाद बोर्ड ने 21 कट लगाने और फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखने की शर्त पर मंजूरी दी।
निर्माताओं ने इस फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। इसके बाद मामला और लंबा खिंच गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाद में फिल्म में 127 कट लगाने की भी मांग की गई, जिसे लेकर निर्देशक हनी त्रेहान ने कड़ा विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि इतने बदलावों के बाद फिल्म उनकी मूल रचना नहीं रह जाएगी।
रिलीज़ की कई कोशिशें रहीं असफल
फिल्म का ट्रेलर कुछ समय के लिए यूट्यूब पर जारी किया गया था, लेकिन बाद में भारत में उसे हटा दिया गया। दिलजीत दोसांझ ने जनवरी 2025 में सोशल मीडिया पर फिल्म की फरवरी रिलीज़ की घोषणा भी की थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते रिलीज़ टालनी पड़ी। बाद में उन्होंने प्रशंसकों को बताया कि यह फैसला उनके नियंत्रण से बाहर की वजहों से लिया गया।
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित
'सतलुज' की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित है। फिल्म उस दौर को सामने लाती है, जब पंजाब में अशांति के बीच हजारों लोगों के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामलों ने गंभीर सवाल खड़े किए थे। कहानी सत्य की खोज, साहस और न्याय की लड़ाई पर केंद्रित है।
दिलजीत दोसांझ बोले, यह मेरे करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक
फिल्म की OTT रिलीज़ पर दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्होंने जसवंत सिंह खालरा की शहादत और मानवता के लिए उनके योगदान से प्रभावित होकर इस परियोजना का हिस्सा बनने का फैसला किया। उनके अनुसार, यह केवल एक फिल्म नहीं बल्कि वास्तविक लोगों के संघर्ष और बलिदान की कहानी है। उन्होंने कहा कि इस किरदार को निभाना उनके करियर के सबसे अर्थपूर्ण अनुभवों में से एक रहा और उन्हें खुशी है कि अब दुनिया भर के दर्शक इस कहानी को देख सकेंगे।
निर्देशक हनी त्रेहान ने जताई खुशी
निर्देशक हनी त्रेहान ने कहा कि उनकी पूरी टीम का उद्देश्य शुरू से ही इस कहानी को ईमानदारी, संवेदनशीलता और बिना किसी समझौते के दर्शकों तक पहुंचाना था। लंबे इंतजार के बाद फिल्म का बिना कट वाला संस्करण रिलीज़ होना पूरी टीम के लिए संतोष की बात है। उन्होंने कहा कि 'सतलुज' केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी मानवीय साहस और सत्य के प्रति समर्पण को समर्पित एक फिल्म है।














