21 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) और मध्य प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विस बिल समेत 14 विधेयक सदन में पेश किए। इन विधेयकों को सदन के निर्धारित एजेंडे में शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई।
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि जब ये विधेयक सोमवार को ही सदन में पेश किए जा सकते थे, तो इन्हें एजेंडे में पहले से शामिल क्यों नहीं किया गया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि विधेयकों को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मंजूरी के बाद सदन में लाया गया है।
सदन में पेश किए गए विधेयकों पर मंगलवार को चर्चा होगी। राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया।
मध्य प्रदेश UCC लागू करने की दिशा में तीसरा राज्य
UCC विधेयक पेश होने के साथ ही मध्य प्रदेश उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तराखंड और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश ऐसा तीसरा राज्य है, जहां सरकार UCC लागू करने की योजना पर आगे बढ़ रही है।
प्रस्तावित UCC विधेयक को 10 अध्यायों और 404 बिंदुओं में तैयार किया गया है। विधेयक के प्रारंभिक प्रावधानों में स्पष्ट किया गया है कि यह आदिवासी समुदायों और उन अन्य समुदायों पर लागू नहीं होगा, जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं।
इन समुदायों को छोड़कर विधेयक के प्रावधान राज्य के अन्य नागरिकों पर लागू होंगे। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रावधान है।
लिव-इन रिलेशनशिप पर भी असर
UCC विधेयक का लिव-इन रिलेशनशिप पर भी सीधा प्रभाव पड़ सकता है। प्रस्तावित प्रावधानों के तहत लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी संबंधित प्राधिकरण को देना आवश्यक होगा। बिना सूचना दिए ऐसे संबंध में रहना कानून के दायरे में आ सकता है।
ये 14 विधेयक विधानसभा में पेश किए गए
मध्य प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विस बिल, 2026
मध्य प्रदेश वर्कप्लेस एम्पावरमेंट कोड बिल
मध्य प्रदेश धन्वंतरि मेडिकल यूनिवर्सिटी बिल
मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल
मध्य प्रदेश उपकर संशोधन बिल
मध्य प्रदेश सिविल प्रोटेक्शन कोड संशोधन बिल
मध्य प्रदेश हाईवे संशोधन बिल
मध्य प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्थापना एवं संचालन बिल
मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन बिल
मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटीज संशोधन बिल
मध्य प्रदेश पशु चिकित्सा संशोधन बिल
मध्य प्रदेश गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स संशोधन बिल
मध्य प्रदेश निरसन विधेयक
समान नागरिक संहिता विधेयक
पांच दिन का मानसून सत्र जल्द खत्म होने के संकेत
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र पांच दिनों के लिए बुलाया गया है। हालांकि, पहले ही दिन बड़ी संख्या में विधेयक पेश किए जाने और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद सरकार के रुख से सत्र के निर्धारित अवधि से पहले खत्म होने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार मंगलवार को अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। विधेयकों को पारित कराना और अनुपूरक बजट को मंजूरी दिलाना सरकार की प्राथमिकता में है। ऐसे में सरकार अपने विधायी कामकाज को जल्द पूरा करने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।
विपक्ष ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि, सत्र के पहले दिन ही बड़ी संख्या में विधेयक पेश किए जाने के बाद अब सदन की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।















