22 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन छात्र मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो गई। कांग्रेस ने शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से छात्रों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विजयवर्गीय के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना था कि जब तक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय छात्रों से माफी नहीं मांगते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
बहस के दौरान उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि अगर छात्रों के मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा नहीं होगी, तो फिर इन मुद्दों को कहां उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर हम हाउस में स्टूडेंट्स पर चर्चा नहीं कर सकते, तो हम उन पर चर्चा कहां करें?”
इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा में किसी भी मुद्दे पर चर्चा नियमों और प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए। विजयवर्गीय की इस टिप्पणी पर सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा, “जब आपके काम होते हैं तब कानून नहीं दिखता, अब कानून याद आ रहा है।”
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर विपक्ष के जनहित के मुद्दों पर चुनिंदा तरीके से नियमों का हवाला देने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों पर लाठियां चलाई जा रही हैं और सरकार नियम-प्रक्रिया की बात कर रही है।
सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राष्ट्रविरोधी के रूप में पेश किया जा रहा है। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।
कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा दोबारा कराई गई थी। उन्होंने कहा, “आपने कहा कि पेपर लीक हुआ था। हमने परीक्षा दोबारा कराई।”
इसके बाद उमंग सिंघार ने मंत्री से सीधे पूछा कि क्या वह छात्रों से माफी मांगेंगे। बहस बढ़ने पर विजयवर्गीय ने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा, “बताइए आप यहां कब तक बैठेंगे। क्या आप दिल्ली से कॉल आने के बाद ही उठेंगे?”
इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक लगातार मांग करते रहे, “कैलाश जी, स्टूडेंट्स से माफी मांगिए।”
छात्रों के मुद्दे पर हुई इस बहस के बाद विधानसभा में काफी देर तक हंगामा जारी रहा। कांग्रेस ने साफ किया कि जब तक कैलाश विजयवर्गीय छात्रों से माफी नहीं मांगते, उसका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।















