×

सीएम डॉ. मोहन ने स्व-सहायता समूहों को दिए 300 करोड़, झाबुआ के लिए खोला सौगातों का पिटारा

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 64

थांदला में हुआ स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम
झाबुआ में 174.64 करोड़ के 29 विकास कार्यों का हुआ भूमि-पूजन
सीएम डॉ. यादव ने किया 109.17 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

झाबुआ 31 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। वे जिले के थांदला में आयोजित 'स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम' में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने राज्य के स्व-सहायता समूहों को सिंगल क्लिक से 300 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया। इसके अलावा उन्होंने झाबुआ में 174.64 करोड़ रुपये की लागत के 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये की लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किया और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया। सीएम डॉ. यादव ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने रणजी टीम में चयनित थांदला के क्रिकेटर अर्पित भटेवरा को ट्रॉफी भेंटकर शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने किसानों और युवाओं को हेलमेट भी दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृ्त्व में मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। जब वे लगातार तीन बार पड़ोसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब झाबुआ के आसपास जनजातीय अंचल में विकास के अद्भुत कार्य हुए। पूरी दुनिया गुजरात की शक्ति से परिचित हुई। प्रधानमंत्री मोदी गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष सम्मान है। उनके माध्यम से आज स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनों की समृद्धि का मार्ग खुल रहा है। यह आत्मनिर्भरता और समाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है।

हर काम में दक्ष हैं बहनें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने कहा कि सहयोग, सहभागिता और संपन्नता के बलबूते बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं। अब हमारी बहनें 10 हजार रुपए प्रति महीना तक आय अर्जित कर रही हैं। प्रदेश की लाड़ली बहनें, उद्यमिता बहनें, कृषि सखी सभी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के द्वारा 196 कैफे संचालित किए जा रहे हैं। झाबुआ में भी बहनें 4 कैफे चला रही हैं। प्रदेश में 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन स्व-सहायता समूहों की बहनों के हाथों में है। प्रदेश में गैर कृषि आधारित 150 से अधिक कार्य हमारी बहनें कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का गौरवशाली क्षण है। होलकर साम्राज्य की रानी लोकमाता अहिल्याबाई ने भील पलटन बनाकर जनजातीय समुदाय पर विश्वास जताया था। रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और त्याग के बल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया।

करोड़ों का व्यापार महिलाओं के जिम्मे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। आज यहां पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा भी की। महिला कृषक बहनों ने बताया कि प्राकृतिक खेती के माध्यम स पिछले दो-तीन साल में जीवन में बड़ा बदलाव आया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। हमारी बहनें ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं। ड्रोन दीदियां खेतों में कीट नाशकों का छिड़काव कर रही हैं। इस वर्ष गेहूं उपार्जन में भी दीदियों ने कमाल कर दिया। मध्यप्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदा है। प्रधानमंत्री मोदी और कृषि मंत्री के सहयोग से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया। इसमें भी बहनों ने अपने समूहों को लाभान्वित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 89 ड्रोन दीदियां, पशुपालन दीदियां, बैंक सखी जैसी बहनें काम कर रही हैं। व्यावयासिक सब्जी उत्पादन, पशुपालन और जैविक खेती में बहनों ने उत्कृष्ट कार्य किया है। महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। झाबुआ जिले में 11 हजार 900 से अधिक स्व-सहायता समूह एक लाख 56 हजार से अधिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आजीविका का अधिकार दे रहे हैं। प्रदेश में 64 हजार लखपति दीदीयां जनजातीय क्षेत्र में आर्थिक पुनरोत्थन का कार्य कर रही हैं। समूहों के सशक्तिकरण के लिए 285 करोड़ की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि झाबुआ में अब कड़कनाथ से माध्यम से घर-घर में नगदनाथ हो रहा है। बहनें मुर्गी पालन, पशुपालन, मछली पालन के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं। लाड़ली बहनों के खाते में हर माह 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जो कहती है, करके दिखाती है।

सभी के लिए होगा एक समान कानून
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के सम्मान के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। यूसीसी बिल विधानसभा से पास हो चुका है। सरकारी नौकरियों में बहनों को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। माताओं-बहनों को नगरीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग और एमएसएमई के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। कल ही ग्वालियर अंचल को टेलीकॉम सेक्टर की बहुत बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि इससे अंचल के कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब खेत से कारखाना, कारखाने से कपड़ा, कपड़े से गारमेंट और यह गारमेंट्स दुनियाभर में निर्यात किए जाएंगे। इससे निमांड़ अंचल के साथ ही झाबुआ में भी समृद्धि आएगी। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि अब झाबुआ, धार, आलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं होगी। अपने घर में ही काम मिलेगा। बड़े-बड़े कारखाने यहां आएंगे। बाहरी लोगों को भी रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ को दी सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 70 करोड़ की लागत से झाबुआ में आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया गया है। प्रदेश को अब तक 9 आयुर्वेदिक कॉलेजों की सौगात मिल चुकी है। यहां 35 करोड़ 29 लाख की लागत से सांदीपनि विद्यालय। झाबुआ के थांदला से अब रेलगाड़ी भी गुजरेगी। थांदला में पक्का हेलीपैड बनेगा। प्रत्येक विधानसभा में खेल स्टे़डियम बनाएंगे। पद्मावती नदी पर घाट निर्माण किया जाएगा। छोटी काशी में भी घाट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्मांतरण करने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला सुरक्षा डेस्क और प्रत्येक जिले में महिला थाने बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा दिलवाएंगे। प्रदेश सरकार ने बालाघाट, मंडला, डिंडौरी से नक्सलवाद से को समाप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों के माध्यम से अगले साल से स्कूली बच्चों को सिली हुई ड्रेस उपलब्ध करवाई जाएगी।

Related News

Global News