🔴 TRENDING NOW!
एआई के दौर में मौलिक अभिव्यक्ति और भाषाई संवेदना को बचाए रखना जरूरी : प्रो. संजय द्विवेदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर, 42 हजार 490 करोड़ रुपये से होगा राज्य का विकास अमेरिका ने माना, अंतरिक्ष में तैनात हैं उसके स्पेस हथियार गौरवशाली-प्राचीन स्थापत्य आज भी नये प्रयोग की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश देशभर में फैल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमेरिकी खुफिया एजेंसी NSA का बड़ा प्लान, AI और चीन पर रहेगा खास फोकस मेटा और टिकटॉक को बड़ा झटका, सोशल मीडिया की लत से जुड़े 3,000 से ज्यादा मुकदमे आगे बढ़ेंगे BRICS में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी, पुतिन बोले: स्वतंत्र रास्ता बना रहा आकर्षण AI से स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तक: शी जिनपिंग ने BRICS सहयोग बढ़ाने के लिए पेश कीं 5 बड़ी पहल सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दी सौगात, खातों में ट्रांसफर किए 1835 करोड़

दिल दीवाना हो गया रिव्यू: नए चेहरों ने जीता दिल, मधुर संगीत ने रच दिया जादू

👤
prativad
👁 701 व्यूज
📍 भोपाल
दिल दीवाना हो गया रिव्यू: नए चेहरों ने जीता दिल, मधुर संगीत ने रच दिया जादू
एक्शन के दौर में सुकून भरी पारिवारिक प्रेम कहानी

मुंबई 1 अगस्त 2026। जब बड़े सितारों और हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्मों का दौर चल रहा हो, ऐसे समय में दिल दीवाना हो गया जैसी साफ-सुथरी रोमांटिक और पारिवारिक फिल्म सुखद अहसास कराती है। निर्माता इश्पॉल सिंह चावला और निर्देशक राजीव शामलाल सोनी ने बिना किसी भव्य तामझाम के भावनाओं, रिश्तों और संगीत के दम पर एक ऐसी फिल्म पेश की है जो दर्शकों के दिल को छूने की कोशिश करती है।
फिल्म की कहानी राहुल, नैना और राज के प्रेम त्रिकोण के इर्द-गिर्द घूमती है। दोस्ती, प्यार, त्याग और गलतफहमियों से बुनी गई यह कहानी इंटरवल के बाद कई दिलचस्प मोड़ लेती है और क्लाइमेक्स तक दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखती है। कहानी भले ही नई न लगे, लेकिन उसका प्रस्तुतिकरण फिल्म को खास बनाता है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी नई स्टारकास्ट है। काजल चौहान ने नैना के किरदार में आत्मविश्वास और मासूमियत का सुंदर संतुलन दिखाया है। भानूज सूद राहुल के रूप में प्रभावशाली नजर आते हैं और उनके अभिनय में कहीं भी नए कलाकार होने की झिझक महसूस नहीं होती। शुभकरण भोपाल भी राज के किरदार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हैं। सहायक कलाकार मुश्ताक खान, राजू खेर, अरुण बक्शी और बृज गोपाल अपने अनुभव से फिल्म को मजबूती देते हैं।
निर्देशक राजीव शामलाल सोनी ने कहानी को अनावश्यक ड्रामे से बचाते हुए सहज अंदाज में आगे बढ़ाया है। फिल्म की गति संतुलित है और पारिवारिक दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

संगीत फिल्म की जान है। विष्णु नारायण का संगीत पुराने दौर की रोमांटिक फिल्मों की याद दिलाता है। "तू मेरे दिल की दुआ है", "दिल की ये गुजारिश है" और "प्यार की धुन" जैसे गीत लंबे समय तक याद रह जाते हैं। पामेला जैन और यूवी की आवाजें गीतों को और भी मधुर बना देती हैं।

मनाली की खूबसूरत वादियां फिल्म को दृश्यात्मक रूप से आकर्षक बनाती हैं। वहीं संवाद भी कहानी की भावनात्मक गहराई बढ़ाते हैं। "दिल अक्सर धोखा देता है लेकिन दिमाग नहीं" जैसे संवाद प्रभाव छोड़ते हैं। दिल दीवाना हो गया उन दर्शकों के लिए एक अच्छी पसंद है जो बिना शोर-शराबे वाली, भावनात्मक और संगीत से सजी पारिवारिक प्रेम कहानी देखना चाहते हैं। नए कलाकारों का आत्मविश्वास और फिल्म का मधुर संगीत इसे देखने लायक बनाता है।
रेटिंग: 3/5

अनिल बेदाग
Tags :