2 अगस्त 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका ने चीन को बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी सरकार ने विदेशों में निर्मित नए ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य उन्नत रोबोटिक उपकरणों के आयात पर रोक लगाने की घोषणा की है। इस फैसले का सबसे अधिक असर चीन पर पड़ने की संभावना है, जो दुनिया के प्रमुख रोबोट निर्माता देशों में शामिल है।
अमेरिकी Federal Communications Commission (FCC) ने इस प्रतिबंध के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा को कारण बताते हुए कहा कि कुछ विदेशी तकनीकी उत्पाद अमेरिका के लिए "अस्वीकार्य सुरक्षा जोखिम" पैदा कर सकते हैं। आयोग के अनुसार, इन उपकरणों के माध्यम से संवेदनशील डेटा की चोरी, दूरस्थ (रिमोट) पहुंच, निगरानी और साइबर हमलों की आशंका बनी रहती है।
किन उत्पादों पर लागू होगी रोक?
नई पाबंदियां केवल ह्यूमनॉइड रोबोट तक सीमित नहीं हैं। इनमें चार पैरों वाले रोबोट (Quadruped Robots), डेटा सेंटर में उपयोग होने वाले रोबोटिक सिस्टम और सौर ऊर्जा संयंत्रों में इस्तेमाल होने वाले पावर इन्वर्टर भी शामिल हैं। हालांकि, पहले से मंजूर और बाजार में उपलब्ध मॉडल इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे।
अमेरिका-चीन तकनीकी संघर्ष हुआ और तेज
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ी है। अमेरिका पहले ही उन्नत AI चिप्स, सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरण और संबंधित तकनीकों के चीन को निर्यात पर कई प्रतिबंध लगा चुका है। इसके अलावा चीन के AI और चिप उद्योग में अमेरिकी निवेश पर भी सीमाएं लागू की गई हैं।
अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) की सुरक्षा का हवाला देते हुए चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों, ड्रोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कई प्रतिबंध लगाए हैं।
चीन ने भी उठाए जवाबी कदम
अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में चीन ने गैलियम, जर्मेनियम, ग्रेफाइट, एंटीमनी और रेयर अर्थ जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण लागू किया है। इसके अलावा अमेरिकी कंपनी Micron के कुछ उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं और Nvidia के कुछ AI उत्पादों की सुरक्षा जांच भी शुरू की गई है।
AI मॉडल को लेकर भी बढ़ा विवाद
हाल ही में व्हाइट हाउस और अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने चीनी स्टार्टअप Moonshot AI पर आरोप लगाया था कि उसने अपने Kimi K3 AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए अमेरिकी तकनीक का अनुचित उपयोग किया। कंपनी पर "डिस्टिलेशन" तकनीक के जरिए बौद्धिक संपदा का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया, हालांकि Moonshot AI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका मॉडल पूरी तरह उसके स्वयं के तकनीकी नवाचार का परिणाम है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि यदि किसी चीनी कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर बौद्धिक संपदा की चोरी साबित होती है तो उसके खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
चीन की प्रतिक्रिया
बीजिंग ने अमेरिकी फैसलों की आलोचना करते हुए कहा है कि वॉशिंगटन को "दबदबे की सोच" छोड़नी चाहिए और चीनी कंपनियों को बदनाम करने तथा उन पर प्रतिबंध लगाने की नीति बंद करनी चाहिए। चीन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उसके आर्थिक और तकनीकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाले कदम उठाए गए तो वह अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक जवाबी कार्रवाई करेगा।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है।















