नई दिल्ली 6 अगस्त 2026। मेटा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क ज़करबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से अस्थायी रूप से हटाए जाने और प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण संबंधी सामग्री (CSAM), डीपफेक कंटेंट तथा अन्य परिचालन संबंधी चूकों को लेकर भारतीय संसदीय समिति से माफ़ी मांगी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह माफ़ीनामा संसदीय समिति द्वारा दिए गए तीन दिन के अल्टीमेटम के भीतर भेजा गया।
इससे पहले संसदीय समिति के अध्यक्ष ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो कुछ समय के लिए ब्लॉक किए जाने के मामले में मेटा अधिकारियों को तलब किया था और ज़करबर्ग से तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने को कहा था।
हालांकि, मेटा की ओर से अब तक इस कथित माफ़ी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फेसबुक इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो कंपनी को सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मिलने वाली 'सेफ हार्बर' सुरक्षा समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।
बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव ने भी मेटा के ग्लोबल अफेयर्स प्रमुख जोएल कपलान को तलब कर वीडियो हटाए जाने की घटना पर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब में मेटा ने कहा कि वीडियो हटाया जाना एक तकनीकी खराबी का परिणाम था।
विवादित वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले महीने दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को संबोधित कर रहे थे। यह मुद्दा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
संसदीय समिति ने इस बैठक के दौरान सभी सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों के यौन शोषण संबंधी सामग्री (CSAM) से जुड़े भारतीय नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी भी दी। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने इंस्टाग्राम पर नियमों के उल्लंघन के आरोप में मेटा को नोटिस भी जारी किया गया था।
नोट: मेटा ने अभी तक ज़करबर्ग की कथित माफ़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।















