16 अगस्त 2026। फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती पहचान के क्षेत्र में एक नई तकनीक को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से अहम मान्यता मिली है। FDA ने Freenome के प्रयोगात्मक SimpleScreen™ Lung टेस्ट को ‘ब्रेकथ्रू डिवाइस डेज़िग्नेशन’ दिया है। यह एक ब्लड टेस्ट है, जिसे ज्यादा जोखिम वाले लोगों में फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद के लिए विकसित किया जा रहा है।
खून के नमूने से कैंसर के संकेतों की तलाश
SimpleScreen™ Lung को मल्टीओमिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा मशीन लर्निंग तकनीक के इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया है। यह खून में मौजूद मॉलिक्यूलर संकेतों का विश्लेषण कर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश करता है, जिन्हें फेफड़ों की आगे की जांच के लिए इमेजिंग की जरूरत हो सकती है।
इस तकनीक का उद्देश्य फेफड़ों के कैंसर की स्क्रीनिंग को ज्यादा आसान और सुलभ बनाना है, खासकर उन लोगों के लिए जो मौजूदा स्क्रीनिंग व्यवस्था का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं।
शुरुआती नतीजे उत्साहजनक
2026 AACR Annual Meeting में पेश किए गए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, डेवलपमेंट डेटासेट में टेस्ट की एडजस्टेड सेंसिटिविटी 50% स्पेसिफिसिटी पर 90.7% और 75% स्पेसिफिसिटी पर 80.4% रही।
इस टेस्ट का मूल्यांकन 50 से 80 वर्ष की उम्र के उन वयस्कों में किया जा रहा है, जिनकी स्मोकिंग हिस्ट्री कम से कम 20 पैक-ईयर है और जो वर्तमान में फेफड़ों के कैंसर की अनुशंसित स्क्रीनिंग में शामिल नहीं हो रहे हैं।
अभी FDA से मंजूरी नहीं मिली
हालांकि, FDA का ‘ब्रेकथ्रू डिवाइस डेज़िग्नेशन’ मिलना FDA की मंजूरी मिलने के बराबर नहीं है। SimpleScreen™ Lung अभी प्रयोगात्मक और क्लिनिकल मूल्यांकन के दौर में है। यह फिलहाल लो-डोज सीटी (LDCT) स्कैनिंग का विकल्प भी नहीं है।
टेस्ट की प्रभावशीलता और सुरक्षा का आगे मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें PROACT LUNG स्टडी भी शामिल है।
कैंसर स्क्रीनिंग में नई संभावना
अगर आगे के क्लिनिकल परीक्षण सफल रहते हैं और इसे नियामकीय मंजूरी मिलती है, तो ब्लड-बेस्ड स्क्रीनिंग फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती पहचान में एक उपयोगी अतिरिक्त विकल्प बन सकती है।
फिलहाल इसका महत्व इस बात में है कि यह ऐसी तकनीक विकसित करने की दिशा में कदम है, जो अपेक्षाकृत आसान ब्लड टेस्ट के जरिए उन लोगों की पहचान में मदद कर सके जिन्हें आगे कैंसर स्क्रीनिंग की जरूरत हो सकती है।