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साइबर कुश्ती 2026: साइबर सुरक्षा में मशीन की रफ्तार नहीं, इंसानी फैसले की होगी परीक्षा FDA ने फेफड़ों के कैंसर के ब्लड टेस्ट को दी ‘ब्रेकथ्रू डिवाइस’ पहचान अलीबाबा के Qwen AI मॉडल के 3 अरब से ज्यादा डाउनलोड, ओपन AI मॉडल में बड़ी बढ़त करीना कपूर ने सैफ अली खान को दी खास बर्थडे विश, शेयर कीं रोमांटिक तस्वीरें अटल जी की पुण्यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण इस स्वतंत्रता दिवस पर केनस्टार लेकर आया ‘नो फोन ऑवर 2.0’, पिछले साल से 3 गुना अधिक भागीदारी का लक्ष्य सखी संस्कार मंच ने मनाया हरियाली तीज महोत्सव कंडोम ऐड से तुलना पर यश का मजेदार जवाब, बोले- पैसे लेकर करूंगा राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान: सीएम डॉ. यादव ने किया कांग्रेस पर हमला, कहा- देश से माफी मांगें राहुल और सोनिया पीएम मोदी का 75 मिनट का भाषण, चार साल में सबसे छोटा

साइबर कुश्ती 2026: साइबर सुरक्षा में मशीन की रफ्तार नहीं, इंसानी फैसले की होगी परीक्षा

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📍 नई दिल्ली
साइबर कुश्ती 2026: साइबर सुरक्षा में मशीन की रफ्तार नहीं, इंसानी फैसले की होगी परीक्षा

नई दिल्ली 16 अगस्त 2026। राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘साइबर कुश्ती 2026’ नाम से राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हैकाथॉन शुरू किया है। इस प्रतियोगिता का फोकस सिर्फ साइबर कमजोरियां खोजने की क्षमता पर नहीं, बल्कि यह तय करने पर होगा कि इनमें से कौन-सी समस्या वास्तव में महत्वपूर्ण है और उसे किस प्राथमिकता से ठीक किया जाना चाहिए।

यह हैकाथॉन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत NIELIT द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका फाइनल 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में होने वाली तीसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फोरेंसिक एंड इंटेलिजेंस (NCCDFI 2026) के दौरान होगा।

हैकाथॉन को NIELIT के महानिदेशक और NIELIT डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) एम. एम. त्रिपाठी ने लॉन्च किया। आयोजन में Information Sharing and Analysis Center (ISAC Foundation) सहयोगी है, जबकि CERT-In नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा है।

10 सितंबर तक कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
‘साइबर कुश्ती 2026’ के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त से शुरू हो गया है और 10 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। इसमें भाग लेना पूरी तरह नि:शुल्क है। प्रतियोगिता में तीन सदस्यों वाली टीमों के रूप में छात्र और स्वतंत्र शोधकर्ता हिस्सा ले सकते हैं।

कमजोरियां खोजने से आगे बढ़ेगा मुकाबला
आम साइबर सिक्योरिटी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को सिस्टम की कमजोरियां खोजने या Capture the Flag (CTF) जैसी चुनौतियां हल करने पर जोर दिया जाता है। साइबर कुश्ती 2026 का तरीका इससे अलग है।

प्रतिभागियों को एक समान और जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया सिक्योरिटी असेसमेंट पैकेज दिया जाएगा। इसमें AI से तैयार जानकारी, स्टैटिक एनालिसिस रिपोर्ट, डिपेंडेंसी और सीक्रेट स्कैन, आर्किटेक्चर डॉक्यूमेंटेशन, सोर्स कोड और एप्लिकेशन लॉग शामिल होंगे।

इन रिपोर्टों में सही, गलत और दोहराए गए निष्कर्षों को मिलाया जाएगा। कुछ वास्तविक कमजोरियां भी जानबूझकर रिपोर्ट से बाहर रखी जाएंगी। टीमों को इन सभी सूचनाओं का विश्लेषण कर सही सुरक्षा मूल्यांकन तैयार करना होगा और अपने फैसलों का तर्क भी देना होगा।

यानी सिर्फ यह बताना काफी नहीं होगा कि ‘यहां समस्या है।’ प्रतिभागियों को यह भी साबित करना होगा कि समस्या कितनी गंभीर है, कौन-सी समस्या पहले ठीक होनी चाहिए और किन निष्कर्षों को गलत मानकर खारिज किया जाना चाहिए।

महंगे सुरक्षा टूल्स का फायदा सीमित
सभी टीमों को एक ही समय पर समान टूल-जनरेटेड जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे महंगे साइबर सिक्योरिटी टूल्स के आधार पर मिलने वाले फायदे को कम करने की कोशिश की गई है।

प्रतिभागी अपनी पसंद के AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके बावजूद अंतिम मूल्यांकन में इंसानी विश्लेषण, प्राथमिकता तय करने और अपने फैसले का बचाव करने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।

NIELIT के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) एम. एम. त्रिपाठी ने कहा कि आज मशीनें इंसानों की तुलना में कहीं तेजी से बड़ी संख्या में सुरक्षा निष्कर्ष दे सकती हैं, लेकिन यह तय करना अभी भी जरूरी है कि कौन-सा निष्कर्ष सही है, कौन-सा महत्वपूर्ण है और किस पर पहले कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, साइबर कुश्ती इसी निर्णय क्षमता को परखने का प्रयास है।

तीन चरणों में होगा मुकाबला

राउंड 1 - द अखाड़ा:
15 सितंबर 2026 को ऑनलाइन आयोजित होगा। इसमें से 50 टीमें अगले चरण के लिए चुनी जाएंगी।

राउंड 2 - द दंगल:
24 सितंबर 2026 को ऑनलाइन राउंड होगा। इसमें 10 फाइनलिस्ट टीमों का चयन किया जाएगा।

फाइनल - द केसरी:
9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आमने-सामने मुकाबला होगा। फाइनलिस्ट टीमें विशेषज्ञों के सामने अपना सुरक्षा मूल्यांकन पेश करेंगी और अपने फैसलों का बचाव करेंगी।

फाइनल के दौरान प्रतिभागियों के मानवीय मूल्यांकन के साथ उसी सामग्री का स्वचालित मशीन विश्लेषण भी प्रदर्शित किया जाएगा। इससे यह देखा जा सकेगा कि AI आधारित विश्लेषण और विशेषज्ञ इंसानी निर्णय कहां एक जैसे हैं और कहां अलग।

विजेता को मिलेगा ‘साइबर केसरी 2026’ का खिताब
फाइनलिस्ट टीमों का मूल्यांकन NIELIT और ISAC द्वारा गठित जूरी करेगी। इसमें सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल होंगे।

विजेता टीम को ‘साइबर केसरी 2026’ का खिताब और पारंपरिक गदा दी जाएगी। रनर-अप टीमों को ‘रुस्तम’ और ‘पहलवान’ के खिताब मिलेंगे।

राउंड 1 में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और व्यक्तिगत स्कोरकार्ड मिलेगा। अगले चरण में पहुंचने वालों को National Security Database (NSD) Recognition Credits भी दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में ‘सबसे शिक्षाप्रद गलत उत्तर’ के लिए भी विशेष पुरस्कार रखा गया है।

पूरी प्रतियोगिता नियंत्रित वातावरण में होगी
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिता के सभी चरण आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराए गए नियंत्रित वातावरण में होंगे। प्रतिभागियों को किसी लाइव सिस्टम, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे या किसी थर्ड-पार्टी सिस्टम से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी।

NCCDFI 2026 में होगा फाइनल
तीसरी National Conference on Cyber Security, Digital Forensics and Intelligence (NCCDFI 2026) का आयोजन NIELIT द्वारा 9 और 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में किया जाएगा।

यह सम्मेलन साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, न्यायपालिका, उद्योग, शिक्षण संस्थानों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक मंच पर लाता है।

‘साइबर कुश्ती 2026’ का मूल संदेश साफ है: AI के दौर में साइबर सुरक्षा की चुनौती सिर्फ ज्यादा तेजी से खतरे खोजने की नहीं, बल्कि सही खतरे को पहचानकर सही समय पर सही फैसला लेने की है।

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