🔴 TRENDING NOW!
सीएम डॉ. मोहन ने एसआईआर को बताया जरूरी, कहा- भ्रम या अफवाह पर नागरिक न दें ध्यान Good News: कूनो में KJP21 ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई एशियन गेम्स के 85 में से 29 पदकों में रिलायंस फाउंडेशन का योगदान, नीता अंबानी ने दी बधाई प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर, 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव Apple ला रहा Mac के लिए नए प्राइवेसी कंट्रोल, AI एजेंट्स के बढ़ते डेटा जोखिम पर चेतावनी यामी गौतम की मीडिया से अपील: AI से तस्वीरों में बिना मंजूरी बदलाव न करें चीन की रोबोट क्रांति: ह्यूमनॉइड मशीनों से AI दिमाग तक की बड़ी तैयारी श्वेत क्रांति 2.0: केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने की सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ, आज मिली सौगातों से डबल होगी गौपालकों की आय भारत में होगी Javelin मिसाइल की असेंबली, Tata Advanced Systems और अमेरिकी कंपनियों के बीच बड़ा समझौता ‘हार्मोनिका’ की स्वर लहरियों में खोये श्रोता, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- यह कार्यक्रम नहीं, संगीत के साधकों का कुंभ है

"सजग मन ही सफलता की कुंजी है", स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने आरएनटीयू में छात्रों से किया संवाद, बताए मेडिटेशन के फायदे

👤
prativad
👁 516 व्यूज
📍 भोपाल
"सजग मन ही सफलता की कुंजी है", स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने आरएनटीयू में छात्रों से किया संवाद, बताए मेडिटेशन के फायदे

आरएनटीयू में ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ का आयोजन, ‘Chinmaya@75’ के संदेश से गूंजा परिसर
भोपाल 21 अगस्त 2026। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) में ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘Chinmaya@75’ रही। कार्यक्रम में आध्यात्मिक चिंतन, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर संवाद हुआ। अतिथियों का पारंपरिक किट के माध्यम से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में स्वामी मित्रानंद सरस्वती, विश्वविद्यालय की प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे, प्रो वीसी संजीव गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जौहरी, प्रो. समीर चौधरी, श्री एस.पी. नाइक सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आध्यात्मिक चिंतन, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर संवाद हुआ।

युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना जरूरी : डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स
विश्वविद्यालय की प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक दृष्टिकोण मिलता है।

शिक्षा में मूल्यों और संस्कारों की भूमिका महत्वपूर्ण : डॉ. आर.पी. दुबे
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.पी. दुबे ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं है। शिक्षा विद्यार्थियों में संस्कार, जिम्मेदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करती है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से भी जुड़ना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मचिंतन और बेहतर जीवन दृष्टि के लिए प्रेरित करते हैं।

चिन्मय मिशन और स्वामी चिन्मयानंद के विचारों से कराया परिचय
कार्यक्रम में श्री एस.पी. नाइक ने चिन्मय मिशन और स्वामी चिन्मयानंद जी के कार्यों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने चिन्मय मिशन की विचारधारा और समाज में उसके योगदान पर प्रकाश डाला।

सजग मन ही सफलता की कुंजी : स्वामी मित्रानंद सरस्वती
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण माननीय स्वामी मित्रानंद सरस्वती जी का प्रेरणादायी संबोधन रहा। स्वामी जी ने कहा कि जीवन में सफलता और प्रसन्नता के लिए मन की सजगता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि “हम 30 हजार किलोमीटर की यात्रा करके आपके पास आए हैं।” उन्होंने समझाया कि सजग मन सफलता की ओर ले जाता है। जीवन को खुशी से जीने के लिए व्यक्ति का शरीर और मन दोनों वर्तमान क्षण में होना चाहिए। अक्सर हमारा शरीर एक स्थान पर होता है, लेकिन मन कहीं और भटक रहा होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति शारीरिक रूप से जहां मौजूद है, मानसिक रूप से भी वहीं मौजूद रहे। आंखें मन की स्थिति का संकेत देती हैं। यदि व्यक्ति सजग रहना सीख ले, तो वह अपनी पूरी क्षमता को पहचान सकता है और उसका उपयोग कर सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि हम सजग नहीं रहे, तो जीवन का बड़ा हिस्सा मोबाइल पर रील स्क्रॉल करने जैसी गतिविधियों में निकल सकता है। इसलिए वर्तमान क्षण में पूरी जागरूकता के साथ जीना ही जीवन को सार्थक और आनंदमय बनाने का मार्ग है।

युवाओं को सकारात्मक दिशा देने पर जोर
‘चिन्मय अमृत यात्रा’ के माध्यम से युवाओं को जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मचिंतन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच संवाद को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. समीर चौधरी ने सभी अतिथियों, आयोजकों और उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।

‘Chinmaya@75’ की थीम के साथ आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार के लिए आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी संवाद का अवसर बना।

Tags :