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44 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा पीने का पानी, इसलिए परिवारों के करीब जाकर समझें परेशानी

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Digital Desk
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📍 भोपाल
44 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा पीने का पानी, इसलिए परिवारों के करीब जाकर समझें परेशानी

सीएम डॉ. मोहन ने की केन-बेतवा लिंक परियोजना की समीक्षा
बदल जाएगी पूरे बुंदेलखंड की तस्वीर, खेतों को मिलेगा जल
अधिकारियों को संवेदनशीलता बरतने के निर्देश

छतरपुर 22 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त को छतरपुर जिले के खजुराहो में केन-बेतवा लिंक परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को परियोजना की उच्च प्राथमिकता के साथ नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना-छतरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में अधिकारी घर-घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझें। जनजातीय परिवारों की कठिनाइयों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका प्राथमिकता से निराकरण करें। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए। जहां परिवारों ने नए स्थान पर निवास बना लिया है, वहां स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन सहित जरूरी मूलभूत सुविधाओं के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए।

रूंझ-मझगांव परियोजना के प्रभावितों को अतिरिक्त राशि का शीघ्र भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना की रूंझ-मझगांव परियोजना में स्वीकृत अतिरिक्त राशि का प्रभावितों को शीघ्र भुगतान कराने के निर्देश दिए। जिन प्रभावितों के पास उम्र संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु का निर्धारण मेडिकल परीक्षण के आधार पर करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जन चौपाल और जागरूकता यात्राओं के माध्यम से लोगों को परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जाए। मैदानी स्तर पर सकारात्मक गतिविधियां आयोजित कर लोगों की आशंकाओं और समस्याओं का समाधान किया जाए।

लाखों परिवारों को होगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश में लगभग 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी प्रस्तावित है। बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया जिलों के 1,382 गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। छतरपुर और पन्ना जिले में कुल 5,039 परियोजना प्रभावित परिवार हैं। इनमें पन्ना जिले के 1,321 तथा छतरपुर जिले के 3,718 परिवार शामिल हैं। सभी प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन विशेष पैकेज का विकल्प चुना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल जल संसाधन विकास की योजना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सम्मानजनक ढंग से हो और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

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