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बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने के आरोप में मेटा ने किया 18 अरब डॉलर का समझौता

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prativad
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📍 भोपाल
बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने के आरोप में मेटा ने किया 18 अरब डॉलर का समझौता

27 अगस्त 2026। मेटा ने अमेरिका में Facebook और Instagram की कथित लत से जुड़े एक बड़े मुकदमे को खत्म करने के लिए करीब 18 अरब डॉलर के समझौते पर सहमति जताई है। कंपनी पर आरोप था कि उसने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस तरह डिजाइन किए कि बच्चे और किशोर लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करते रहें।

अमेरिका के कई राज्यों ने मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। आरोपों में युवाओं में सोशल मीडिया की लत को बढ़ावा देना, प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर यूजर्स को गुमराह करना और 13 साल से कम उम्र के बच्चों का निजी डेटा गलत तरीके से इकट्ठा करना शामिल था।

मेटा ने पहले आशंका जताई थी कि इन मामलों में उस पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। राज्य सरकारें Facebook और Instagram के डिजाइन और काम करने के तरीके में बड़े बदलाव की भी मांग कर रही थीं।

कंपनी ने बुधवार को बताया कि अमेरिका के राज्यों, क्षेत्रों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के 52 अटॉर्नी जनरल के साथ लगभग 18 अरब डॉलर का समझौता हुआ है। इस समझौते के बाद मामला जूरी के फैसले और मेटा के CEO मार्क ज़करबर्ग की गवाही तक पहुंचे बिना ही समाप्त हो सकता है।

मेटा के अनुसार, समझौते की रकम अगले 10 वर्षों में दी जाएगी। इसका इस्तेमाल युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं और राज्यों की अन्य प्राथमिकताओं पर किया जाएगा। हालांकि, समझौते को अभी अदालत की मंजूरी मिलना बाकी है।

समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए Facebook और Instagram में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। किशोरों के लिए रोजाना दो घंटे की समय सीमा तय की जा सकती है, हालांकि माता-पिता अतिरिक्त समय की अनुमति दे सकेंगे। इसके अलावा आधी रात से सुबह 6 बजे तक प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक और स्कूल के समय अधिकांश नोटिफिकेशन म्यूट रखने जैसे प्रावधान शामिल हैं।

मेटा ने यह भी कहा है कि किशोरों को एल्गोरिदम आधारित फीड के बजाय एक अलग विकल्प दिया जाएगा। ऑटोप्ले बंद करने, लाइक्स की संख्या डिफॉल्ट रूप से छिपाने, उम्र सत्यापन और पैरेंटल कंट्रोल को मजबूत करने जैसे कदम भी लागू किए जाएंगे।

कंपनी ने अपने प्रतिद्वंद्वी प्लेटफॉर्म TikTok और YouTube के लिए भी समान नियमों की मांग की है। मेटा का कहना है कि समझौते की रकम का 30 प्रतिशत, यानी करीब 5.3 अरब डॉलर, तभी दिया जाएगा जब अन्य बड़ी सोशल मीडिया कंपनियां भी इसी तरह के सुरक्षा उपाय अपनाएं और बराबर वित्तीय योगदान करें।

यह समझौता कैलिफोर्निया के ओकलैंड में चल रहे संघीय मुकदमे के दूसरे सप्ताह के दौरान हुआ। इस मामले में 29 राज्यों के दावे शामिल थे। मुकदमे में मेटा की आंतरिक रिसर्च और कंपनी के भीतर हुई चर्चाओं को भी आधार बनाया गया था।

अदालती दस्तावेजों में ऐसे आंकड़ों का जिक्र किया गया, जिनसे संकेत मिला कि किशोरों को आत्महत्या, खुद को नुकसान पहुंचाने, ईटिंग डिसऑर्डर, बुलीइंग और हिंसा से जुड़े कंटेंट का काफी सामना करना पड़ रहा था। कुछ आंतरिक संदेशों में यह भी आरोप लगाया गया कि कंपनी के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचने वाली प्रस्तुतियों से कुछ आंकड़े हटा दिए गए थे।

हालांकि, मेटा ने पूरे मामले में किसी भी गलत काम से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसने बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं और Facebook तथा Instagram को जानबूझकर लत लगाने वाला बनाने के आरोप सही नहीं हैं।

यह समझौता मेटा के लिए एक बड़ा कानूनी मामला खत्म कर सकता है, लेकिन उसकी मुश्किलें पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। कंपनी और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब भी युवाओं को कथित नुकसान पहुंचाने के आरोपों में परिवारों, व्यक्तियों और स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से दायर हजारों अलग-अलग मुकदमों का सामना कर रहे हैं।

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