27 अगस्त 2026। केबल और कनेक्टिविटी समाधान के क्षेत्र की वैश्विक कंपनी LAPP ने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार का उद्घाटन किया। इस विस्तार के बाद भोपाल प्लांट LAPP के दुनिया भर के सभी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सबसे बड़ा बन गया है।भोपाल में किए गए इस नए निवेश के तहत LAPP ने पावर लो वोल्टेज (LV) केबल बनाने के लिए एक नई और आधुनिक सुविधा शुरू की है। इन केबल्स का इस्तेमाल कारखानों, कमर्शियल बिल्डिंग्स, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। इस यूनिट का निर्माण 2025 में शुरू हुआ था और यह आज से पूरी तरह परिचालन में आ गई है। यह निवेश ऐसे समय में किया गया है जब भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी सेक्टर में तेजी से निवेश हो रहा है। इससे पावर LV केबल की मांग भी बढ़ रही है। देश में चालू और अगले वित्त वर्ष के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब ₹24 लाख करोड़ के निवेश का अनुमान है। वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में हर साल करीब 50-55 GW की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। LAPP ग्रुप के CEO मैथियास लैप ने कहा, “यह निवेश हमारे ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए है। हमारी ‘इन इंडिया फॉर इंडिया’ रणनीति के तहत हम भारत में ही उच्च गुणवत्ता वाले कनेक्टिविटी समाधान तैयार कर रहे हैं, ताकि अपने ग्राहकों की जरूरतों को तेजी से पूरा कर सकें। भारत LAPP के लिए एशिया का एक महत्वपूर्ण बाजार है और मध्य प्रदेश हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब है।” LAPP ने 2012 में भोपाल में अपना प्लांट शुरू किया था और तब से इसकी क्षमताओं को लगातार बढ़ाया है। शुरुआत में यहां सिंगल-कोर केबल बनाए जाते थे। इसके बाद कंपनी ने मल्टी-कोर केबल, सोलर केबल, कंपाउंडिंग और E-Beam तकनीक को भी यहां जोड़ा।
आज भोपाल प्लांट में 200 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यह LAPP का दुनिया में सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होने के साथ-साथ कंपनी की कई आधुनिक तकनीकों का भी केंद्र है। यहां कंपनी उन्नत पॉलिमर मटेरियल को खुद तैयार करती है, जिससे केबल की गुणवत्ता और प्रदर्शन पर बेहतर नियंत्रण रहता है। E-Beam तकनीक के इस्तेमाल से केबल ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनती हैं तथा उनमें गर्मी सहने की क्षमता भी बढ़ती है। भोपाल प्लांट का यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब LAPP इंडिया अपने 30वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। भारत, जर्मनी के बाद LAPP का सबसे बड़ा बाजार है और कंपनी के लिए एक प्रमुख ग्रोथ मार्केट भी है। LAPP परिवार का भारत से जुड़ाव भी काफी पुराना है। LAPP ग्रुप के CEO मैथियास LAPP ने बचपन में अपने परिवार के साथ भारत की यात्राएं की थीं। कंपनी के पूर्व CEO एंड्रियास LAPP वर्ष 2000 से जर्मनी के दो राज्यों में भारत के मानद वाणिज्यदूत के रूप में भी कार्य कर रहे हैं।