बैठे अपनों के बीच, लिया कल्याण का संकल्प, अब 225 करोड़ से सीएम डॉ. मोहन बदलेंगे बालाघाट की तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे बालाघाट
जनजातीय समाज के साथ सीएम डॉ. यादव ने किया आत्मीय संवाद, समस्याओं को किया दूर
प्रदेश के मुखिया विकास के लिए प्रतिबद्ध
बैगा समाज के कल्याण का लिया संकल्प
लाड़ली बहनों ने भैया सीएम डॉ. यादव को बांधी राखी
बालाघाट 29 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अगस्त को बालाघाट पहुंचे। उन्होंने पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। वे उनके बीच बैठे, जनजातीय समाज की समस्याएं सुनीं और उन्हें हल किया। उन्होंने पशुपालन में बढ़ावा , आवास सुविधा , पोषण आहार के उपयोग की आदत विकसित करने के लिए जन जाग्रति अभियान , वन विभाग के सहयोग , चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने सब सुविधाओं को मुहैया कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की विकास और आजीविका पहल आगे बढ़ाने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम से पहले बालाघाट की लाड़ली बहनों ने सीएम डॉ. यादव को राखी भी बांधी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प 'सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार' का है। नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 225 करोड़ रुपये की इस विकास पहल के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जनजातीय कार्य एवं पर्यटन सहित विभिन्न विभागों के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक अधोसंरचना के विकास के कार्य किए जाएंगे।
युवाओं को जोड़ना है अवसरों से
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लक्ष्य केवल सड़क बनाने का नहीं, बल्कि सड़क को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ने का है। बालाघाट में एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जाएगा। प्रयास रहेगा कि गांव में पैदा होने वाले उत्पादों का स्थानीय स्तर पर ही मूल्यवर्धन हो और उन्हें देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने के लिए कौशल, प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बालाघाट की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को भी नई ऊंचाई देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
नक्सल से विकास की ओर- सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसा बालाघाट जो नक्सलमुक्त भी हो और विकास एवं रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण भी हो। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त बालाघाट हमारी उपलब्धि है, लेकिन समृद्ध और आत्मनिर्भर बालाघाट हमारा अगला लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर गांव में विकास, हर युवा को अवसर, हर परिवार की आय में वृद्धि और हर समाज को सम्मान मिले। सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध बालाघाट में बदलने के लिए सामाजिक अधोसंरचना और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में विकास की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाएंगे।
बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बैगा समाज मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैगा समाज की पारंपरिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका तथा बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि बैगा समाज सम्मान, अधिकार और अवसर के साथ विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि बैगा समाज के बच्चों का भविष्य बेहतर हो, युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं की आय बढ़े और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए-इसके लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, सांसद भारती पारधी , मंत्री संपत्तिया उइके , स्थानीय विधायक संजय उइके और मधु भगत, सरपंच आदि रहवासी मौजूद थे।