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रूसी न्यूरोटेक CEO की सलाह में भारत में बनेगा $1 अरब का फंड, पांच साल में न्यूरोटेक सेक्टर में निवेश की योजना

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📍 भोपाल
रूसी न्यूरोटेक CEO की सलाह में भारत में बनेगा $1 अरब का फंड, पांच साल में न्यूरोटेक सेक्टर में निवेश की योजना

29 अगस्त 2026। भारत में न्यूरोटेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए एक नए फंड की शुरुआत की गई है, जो अगले पांच वर्षों में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। इस पहल का उद्देश्य भारत में न्यूरोटेक्नोलॉजी रिसर्च, नए उत्पादों और घरेलू उद्योग के विकास को बढ़ावा देना है।

ADI Neuroscience नाम की इस पहल को SPEC Finance India का समर्थन प्राप्त है। रूसी न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी Neiry के CEO और कई कंपनियों में निवेश करने वाले अलेक्जेंडर पैनोव को इस फंड का मुख्य सलाहकार बनाया गया है।

न्यूरोटेक्नोलॉजी के तहत ऐसी तकनीकों और उपकरणों का विकास किया जाता है, जो मानव मस्तिष्क को समझने या उसके साथ सीधे संवाद स्थापित करने में मदद कर सकें। इस क्षेत्र में ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस यानी BCI तकनीक को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एलन मस्क की कंपनी Neuralink इस क्षेत्र की सबसे चर्चित कंपनियों में शामिल है।

मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी Tracxn के आंकड़ों के अनुसार, BCI सेक्टर में भारत स्टार्टअप्स की संख्या के लिहाज से तीसरे स्थान पर है। भारत में इस क्षेत्र से जुड़े करीब 12 स्टार्टअप हैं, जबकि चीन में 23 और अमेरिका में 101 स्टार्टअप सक्रिय हैं।

हालांकि, फंडिंग के मामले में भारत अभी काफी पीछे है। पिछले दस वर्षों में भारतीय BCI स्टार्टअप्स ने करीब 8.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इसकी तुलना में अमेरिकी स्टार्टअप्स ने 3.03 अरब डॉलर और चीनी कंपनियों ने लगभग 117 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

Spherical Insights & Consulting की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक BCI बाजार 2024 में 2.87 अरब डॉलर का था, जिसके 2035 तक बढ़कर 15.14 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

हाल ही में शुरू हुई ADI Neuroscience का मानना है कि भारत के पास न्यूरोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है। कंपनी का कहना है कि देश में रिसर्च प्रतिभा, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और निवेश क्षमता को एक साथ लाकर इस क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।

ADI Neuroscience ने अपने बयान में कहा कि भारत के पास न्यूरोटेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए वैश्विक मानक और नियामक ढांचा तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर है, बजाय इसके कि वह केवल दूसरे देशों में विकसित नियमों को अपनाए।

SPEC Finance Group के CEO करण दिनेश सिंह रावत ने कहा कि फंड के संसाधनों का इस्तेमाल भारत में न्यूरोटेक्नोलॉजी से जुड़े रिसर्च और डेवलपमेंट को मजबूत करने, प्रतिस्पर्धी उत्पाद विकसित करने और घरेलू उद्योग को आगे बढ़ाने में किया जाएगा।

इस फंड का रूसी टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक जगत से भी मजबूत जुड़ाव है। डीप-टेक उद्यमिता से जुड़े अलेक्जेंडर पैनोव इसके वैज्ञानिक सलाहकार हैं। वहीं, मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मिखाइल लेबेदेव, जो ब्रेन-टू-ब्रेन इंटरफेस के विशेषज्ञ माने जाते हैं, फंड के वैज्ञानिक बोर्ड के सदस्य हैं।

भारत में न्यूरोटेक्नोलॉजी के लिए 1 अरब डॉलर के संभावित निवेश की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया भर में ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और मानव मस्तिष्क से जुड़ी तकनीकों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।

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