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आईआईएससी ने नेशनल क्वांटम मिशन के तहत बनाया क्वांटम कंप्यूटिंग हब, भारत की तकनीकी क्षमता को मिलेगी नई ताकत

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📍 भोपाल
आईआईएससी ने नेशनल क्वांटम मिशन के तहत बनाया क्वांटम कंप्यूटिंग हब, भारत की तकनीकी क्षमता को मिलेगी नई ताकत

बेंगलुरु 31 अगस्त 2026। भारत ने क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भारतीय विज्ञान संस्थान, आईआईएससी बेंगलुरु ने नेशनल क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए एक विशेष हब स्थापित किया है। यह हब देश में स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक के विकास, रिसर्च, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के सहयोग को बढ़ावा देगा।

इस पहल के लिए Foundation for QC Innovation (FQCI) नाम से एक गैर-लाभकारी सेक्शन-8 कंपनी स्थापित की गई है। यह संस्था आईआईएससी में नेशनल क्वांटम मिशन के Quantum Computing Thematic Hub के रूप में काम करेगी।

शोध संस्थानों, उद्योग और स्टार्टअप को जोड़ेगा हब
क्वांटम कंप्यूटिंग हब का उद्देश्य केवल प्रयोगशाला स्तर पर रिसर्च तक सीमित नहीं है। इसके जरिए शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स को एक साथ लाकर क्वांटम तकनीक का मजबूत भारतीय इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है।

FQCI के तहत सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स, सेमीकंडक्टिंग क्यूबिट्स, न्यूट्रल एटम और आयन ट्रैप, फोटोनिक्स तथा क्वांटम एल्गोरिदम जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इसका लक्ष्य भारत में बड़े पैमाने पर उपयोगी और स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीक विकसित करना है।

क्या है क्वांटम कंप्यूटिंग?
सामान्य कंप्यूटर जानकारी को बिट्स के रूप में प्रोसेस करते हैं, जहां एक बिट का मान 0 या 1 होता है। इसके विपरीत क्वांटम कंप्यूटर क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतों का इस्तेमाल करते हैं और कुछ विशेष प्रकार की जटिल समस्याओं को पारंपरिक कंप्यूटरों से अलग तरीके से हल करने की क्षमता रखते हैं।

भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग का उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, नई दवाओं और पदार्थों की खोज, जटिल औद्योगिक समस्याओं, सुरक्षित संचार और उन्नत कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में हो सकता है।

नेशनल क्वांटम मिशन पर 6,003 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च
भारत सरकार का नेशनल क्वांटम मिशन आठ वर्षों के लिए लागू किया जा रहा है और इसके लिए 6,003.65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मिशन का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग के साथ-साथ क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी और क्वांटम मटेरियल्स के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को विकसित करना है।

मिशन के तहत चार प्रमुख थिमैटिक हब स्थापित किए गए हैं। इनमें आईआईएससी बेंगलुरु को क्वांटम कंप्यूटिंग की जिम्मेदारी दी गई है। अन्य हब क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी और क्वांटम मटेरियल्स एवं डिवाइसेज के क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए अहम कदम
क्वांटम तकनीक को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक तकनीकों में माना जा रहा है। ऐसे में भारत के लिए स्वदेशी क्वांटम हार्डवेयर, चिप्स और कंप्यूटिंग सिस्टम विकसित करना तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, नेशनल क्वांटम मिशन के तहत आईआईएससी सहित कई संस्थानों में उन्नत फैब्रिकेशन और केंद्रीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य क्वांटम तकनीकों के लिए आवश्यक स्वदेशी अनुसंधान और निर्माण क्षमता तैयार करना है।

आईआईएससी का नया क्वांटम कंप्यूटिंग हब भारत की उस बड़ी तैयारी का हिस्सा है, जिसमें देश सिर्फ क्वांटम तकनीक का उपभोक्ता नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में उसका निर्माता और वैश्विक योगदानकर्ता बनने की कोशिश कर रहा है।

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