सागर 6 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पूरे मामले की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि सागर जिले के उत्तरप्रदेश के ललितपुर जिले से सटे गांवों में यूपी के शराब माफियाओं का रैकेट सक्रिय था और यह गिरोह ललितपुर से नकली शराब बना कर कम दामों पर सागर जिले के गांवों में सप्लाई करता था।
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की ललितपुर पुलिस ने नकली और अवैध शराब की सप्लाई में ऐसे ही गिरोह को धरदबोचा था, जिसमें आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह सागर के बंडा क्षेत्र के साथ अन्य इलाकों में नकली शराब की सप्लाई करते थे। ललितपुर पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि वह ललितपुर निवासी रवि लखेरा और उसकी पत्नी शिवानी लखेरा और चंद्रेश लोधी, मोना राजा के साथ मिलकर ललितपुर में नकली शराब तैयार करते है और नकली शराब पर नकली रैपर, नकली ढक्कनों से सील कर उसके ऊपर नकली क्यू आर कोड विभिन्न प्रकार की लगाकर उन्हें गाड़ियों और बाइक से सागर के विभिन गांवों में सप्लाई करते करते है। अब तक हुई प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ललितपुर मे तैयार की गई नकली शराब सागर के ग्राम बांदरी, ग्राम बढ़ोदिया, ग्राम गूगरा खुर्ग, ग्राम नौराज, बैराज सहित अन्य गावों में सप्लाई करते थे।
ललितपुर पुलिस के सामने दिए गए बयान के मुताबिक, आरोपी नकली शराब पर नकली रैपर और ढक्कन लगाकर उसे असली शराब की तरह तैयार करते थे। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर इसकी आपूर्ति की जाती थी।
बताया जा रहा है कि ललितपुर से लाई गई नकली शराब को बड़े पैमाने सागर के सीमावर्ती गावों खपाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी में छापेमार कार्रवाई शुरु कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि ललितपुर से कैसे शराब सागर पहुंची और इस गिरोह में कौन-कौन स्थानीय लोग शामिल थे और नकली शराब को ललितपुर से सागर तक पहुंचाने का नेटवर्क कितना बड़ा है।
घटना के बाद प्रशासन ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। सागर में शराब की दुकानों और अवैध शराब के ठिकानों की जांच की जा रही है।