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सीआईआई यंग इण्डियन्स के एचएनओपी अभियान को मिला जिला प्रशासन का समर्थन

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प्रतिवाद
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📍 Bhopal
सीआईआई यंग इण्डियन्स के एचएनओपी अभियान को मिला जिला प्रशासन का समर्थन
30 जनवरी 2017। सीआईआई यंग इंडियन्स द्वारा ध्वनि प्रदूषण को लेकर चलाये जा रहे अभियान हॉर्न नॉट ओके प्लीज (एचएनओपी) को जिला प्रशासन का समर्थन मिला है। इस अभियान से प्रभावित होकर शहर के कलेक्टर निशांत वरवड़े द्वारा चार जोन्स को नो हांकिंग जोन बनाने की घोषणा की गई है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा 31 जनवरी को हॉर्न का इस्तेमाल न करने की अपील के साथ साइलेंट डे के रूप में मनाने की घोषणा भी की गई है। जिन जोन्स को नो हांकिंग जोन्स घोषित किया गया है उनमें विन्ध्याचल व सतपुड़ा भवन सहित मंत्रालय परिसर, बोट क्लब, नूतन कॉलेज के आसपास का क्षेत्र, नर्मदा हास्पिटल से नेशनल हॉस्पिटल की ओर जाने वाले सड़क शामिल हैं। इसके पूर्व सीआईआई यंग इंडियन्स के प्रयासों से शहर के 25 स्थानों को नो हांकिंग जोन बनाने में सफलता मिल चुकी है। अगले एक सप्ताह में 25 और जोन्स को नो हांकिंग जोन्स बनाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।



उक्त आशय की जानकारी आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सीआईआई यंग इंडियन्स, भोपाल के चेयरमेन राकेश सुखरामानी ने दी। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी को यंग इंडियन्स सदस्यों ने अपना राष्ट्रीय हॉर्न नॉट ओके प्लीज डे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर आमजन से ध्वनि प्रदूषण न करने की शपथ दिलाकर तथा वाहनों पर हॉर्न न बजाने की अपील के स्टिकर लगाकर मनाया। अनेक स्थानों व मार्गों पर हॉर्न न बजाने के संदेश वाले बोर्ड भी लगाये गए।



सीआईआई यंग इंडियन्स पूरे देश में अपने 40 चैप्टर्स तथा 13000 मेम्बर्स के जरिए एचएनओपी अभियान को सफलतापूर्वक चला रहा है। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे तथा केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस अभियान का समर्थन किया है। इसके अतिरिक्त क्रेडाई भोपाल एवं हैदराबाद चैप्टर्स द्वारा भी इस अभियान में सहयोग किया जा रहा है।



यंग इंडियन्स के एचएनओपी वर्टिकल हेड सौरभ शर्मा ने बताया कि बीते लंबे समय के प्रयासों से यंग इंडियन्स ने शहर के विभिन्न संस्थानों जैसे राजा भोज एयरपोर्ट सहित विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों व अन्य संस्थानों से इन क्षेत्रों को नो हांकिंग जोन बनाए जाने संबंधी सहमति प्राप्त की है। यंग इंडियन्स ने एमएलए रेस्ट हाउस के निकट बने यातायात पार्क को शहर की यातायात पुलिस से गोद लेने की भी घोषणा की। इस पार्क का इस्तेमाल बच्चों एवं आमजन को यातायात संबंधी नियमों की जानकारी व जरूरी प्रशिक्षण देने के लिए किया जायेगा। हर्ष ट्रांसपोर्ट के निदेशक एवं सीआईआई यंग इंडियन्स के सदस्य महेश पंजवानी ने भी भोपाल ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के जरिए समस्त ट्रक ड्रायवरों को इस संबंध में प्रशिक्षित करने का अभियान आरंभ किया है। साथ ही एक अन्य सदस्या मेघना सुराना ने ऑटोमोबाइल शोरूमों में आने वाले ग्राहकों तथा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रैलियों तथा स्कूलों में जागरूकता लैक्चर्स का आयोजन कर आमजन को ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों की जानकारी देने का अभियान चला रखा है।



श्री सुखरामानी नेे यह भी बताया कि दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहन और ट्र?कों व बसों तक सड़कों पर तेज व अनावश्यक हॉर्न का उपयोग किया जाता है। एक रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने कहा कि वाहनों का ध्वनि प्रदूषण देशभर में होने वाले प्रदूषण का 65 से 70 प्रतिशत तक होता है। इस प्रदूषण से लोग बड़ी संख्या में बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। इसे रोकने कोई प्रभावी कानून नहीं है। इससे लोगों में हायपरटेंशन, दिल की अन्य बीमारियां, चिड़चिड़ापन, मानसिक अस्वस्थता व बहरापन सहित दुर्घटनाग्रस्त होने आदि की समस्या बढ़ रही है।

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