धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया के 6 चयनित गांव बनेंगे एस्ट्रो-टूरिज्म के नए केंद्र
भारत के अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य के रूप में उभरेगा मध्य प्रदेश, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
10 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन परियोजना के अंतर्गत ‘एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ (Astro Village Development Project) का क्रियान्वयन मई 2026 से प्रारंभ कर दिया गया है। इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में एस्ट्रो-टूरिज्म (खगोलीय पर्यटन) को बढ़ावा देना तथा प्राकृतिक रूप से अंधकारमय (Dark Sky) क्षेत्रों को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में पहचान दिलाना है।परियोजना के प्रथम चरण में मध्यप्रदेश के 6 जिलों—धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह एवं उमरिया से एक-एक ग्राम का चयन कर उन्हें खगोलीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पर्यटक जल्द ही एस्ट्रो विलेज पर्यटन का आनंद उठा सकेंगे: डॉ. इलैयाराजा टी.
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्यप्रदेश का एस्ट्रो विलेज पर्यटन, विज्ञान और प्रकृति का अनूठा संगम है, जहाँ पर्यटक प्रकाश प्रदूषण से दूर स्वच्छ रात्रि आकाश में तारों, ग्रहों और आकाशगंगा का अद्भुत ओवलेकन एवं अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के लिए नए पर्यटन एवं रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। एस्ट्रो विलेज के तहत प्रदेश के 6 गांव जिनमें धार जिले का ज्ञानपुरा गांव, छिंदवाड़ा जिले का धुसावानी गांव, बैतूल जिले का बांचा गांव, नर्मदापुरम जिले का ढ़ाबा गांव, दमोह जिले का रिछकुड़ी गांव, उमरिया जिले का रंछा गांव को लेकर कार्य शुरू किया जा चुका है।
आधुनिक उपकरणों और अधोसंरचना का होगा विकास
चयनित ग्रामों में पर्यटकों को तारों, ग्रहों एवं अन्य खगोलीय पिंडों के सुरक्षित, स्पष्ट एवं उत्कृष्ट अवलोकन का अनुभव कराने के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वैज्ञानिक उपकरण के साथ गांवों में आधुनिक टेलिस्कोप, दूरबीन और एस्ट्रो-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटकों के लिए स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म, ऑब्जर्वेशन एरिया तथा खगोलीय घटनाओं को समझाने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर (Interpretation Centre) का निर्माण किया जाएगा। पर्यटकों को लिए ये अनुभव यादगार रहेगा।
इस परियोजना का एक प्रमुख स्तंभ ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। रात्रिकालीन आकाश, तारामंडलों और खगोलीय घटनाओं का ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से चयनित ग्रामों के स्थानीय युवाओं को 90 दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण के बाद ये युवा कुशल 'एस्ट्रो गाइड' के रूप में तैयार होंगे, जिससे उनके लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।इससे पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय निवासियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
भारत के अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य के रूप में उभरेगा मध्य प्रदेश
एस्ट्रो विलेज परियोजना मध्यप्रदेश में स्टार गेजिंग एवं खगोलीय पर्यटन जैसी विशिष्ट (Niche Tourism) गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह परियोजना न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय रात्रिकालीन पर्यटन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि मध्यप्रदेश को भारत के प्रमुख एवं अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।