13 सितंबर 2026। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए पांच नई पहलों का प्रस्ताव रखा है। इनका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिभा विकास पर है।
भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता जू फीहोंग की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, शी जिनपिंग ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए इन पहलों का खाका पेश किया।
1. AI के क्षेत्र में सहयोग
चीन ने BRICS AI ओपन-सोर्स कम्युनिटी बनाने की पहल करने की बात कही है। इसके तहत सदस्य देशों के बीच बड़े भाषा मॉडल (LLM) के विकास और इस्तेमाल में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
चीन ने AI के लिए खुले और समावेशी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष AI सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा है।
2. व्यापार और निवेश को बढ़ावा
दूसरी पहल व्यापार और निवेश को आसान बनाने से जुड़ी है। चीन ने BRICS विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी स्थापित करने का सुझाव दिया है।
इसके तहत सदस्य देशों के बीच नीतिगत समन्वय बढ़ाने और एक इंटेलिजेंट पोर्टल विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे व्यापारिक सहयोग को और आसान बनाया जा सके। चीन ने यह भी कहा है कि वह अगले वर्ष सेवाओं में व्यापार पर BRICS फोरम की मेजबानी करेगा।
3. डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जोर
तीसरी पहल डिजिटल उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। चीन ने डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा है।
इसके अलावा BRICS डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म विकसित करने की भी बात कही गई है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच डिजिटल तकनीक और संसाधनों के सहयोग को मजबूत करना है।
4. स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग
चौथी पहल इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग यानी स्मार्ट विनिर्माण से संबंधित है। चीन BRICS देशों को स्मार्ट फैक्ट्रियों के विकास और पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के डिजिटल बदलाव में सहयोग देने की पेशकश कर रहा है।
इसके लिए स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मानकों और नियमों को विकसित करने में भी सहयोग का प्रस्ताव रखा गया है।
5. विज्ञान और तकनीकी प्रतिभा का विकास
पांचवीं पहल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिभाओं को तैयार करने पर केंद्रित है। चीन ने संयुक्त प्रशिक्षण और पेशेवर योग्यताओं की आपसी मान्यता के लिए BRICS इंजीनियर डेवलपमेंट अलायंस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
इसके साथ ही वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित BRICS युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने की भी योजना सामने रखी गई है।
मोदी-शी की द्विपक्षीय बैठक भी रही अहम
BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद शी जिनपिंग रविवार को दिल्ली से रवाना हो गए। सम्मेलन के पहले दिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी।
हालांकि, शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से BRICS नेताओं और अन्य गणमान्य अतिथियों के लिए आयोजित रात्रिभोज में शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए थे।
चीन की इन पांच पहलों से BRICS के भीतर AI, डिजिटल तकनीक, विनिर्माण और तकनीकी प्रतिभा के क्षेत्र में सहयोग को एक नया ढांचा मिलने की संभावना है।