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BRICS में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी, पुतिन बोले: स्वतंत्र रास्ता बना रहा आकर्षण

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Digital Desk
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📍 नई दिल्ली
BRICS में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी, पुतिन बोले: स्वतंत्र रास्ता बना रहा आकर्षण

13 सितंबर 2026। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि BRICS को लेकर दुनिया भर में दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की स्वतंत्र नीति, अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की सोच कई देशों को आकर्षित कर रही है।

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में BRICS Outreach/BRICS Plus बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि बैठक में बड़ी संख्या में देशों की भागीदारी BRICS के बढ़ते प्रभाव और आकर्षण को दर्शाती है।

पुतिन के मुताबिक, BRICS के प्रमुख सिद्धांतों में देशों का स्वतंत्र और स्वायत्त रास्ता अपनाना तथा अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर समस्याओं का सामूहिक समाधान शामिल है। उन्होंने कहा कि यही सोच दुनिया के कई देशों को BRICS के करीब ला रही है।

BRICS का लगातार विस्तार
BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। पिछले कुछ वर्षों में संगठन का विस्तार हुआ है और अब पूर्ण सदस्यता के अलावा पार्टनर-कंट्री का मॉडल भी विकसित किया गया है। इसके जरिए कई देश BRICS के साथ करीबी सहयोग कर सकते हैं।

पुतिन ने BRICS को वास्तविक बहुपक्षवाद को मजबूत करने और अधिक न्यायपूर्ण बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण शक्ति बताया।

1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा आपसी व्यापार
पुतिन ने कहा कि BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार का स्तर करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। उनके अनुसार, BRICS देश वैश्विक निर्यात में लगभग एक-चौथाई हिस्सेदारी रखते हैं और वैश्विक GDP ग्रोथ में उनका योगदान करीब 49 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि संगठन के विकास की संभावनाएं अभी काफी व्यापक हैं। नई उत्पादन श्रृंखलाओं, तकनीक, सेवाओं और नए बाजारों में सहयोग के कई अवसर मौजूद हैं।

बाहरी दबाव से अलग भुगतान व्यवस्था पर जोर
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि BRICS देशों ने वस्तुओं, सेवाओं और पूंजी के लेन-देन के लिए अपने वैकल्पिक चैनल विकसित किए हैं। उनका दावा है कि इससे सदस्य देश बाहरी दबावों की परवाह किए बिना वित्तीय और व्यावसायिक लेन-देन करने में सक्षम हो सकते हैं।

पुतिन ने BRICS देशों से BRICS पेमेंट और सेटलमेंट-डिपॉजिटरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के रूसी प्रस्ताव पर विचार करने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने पुनर्बीमा (Reinsurance) व्यवस्था और अनाज एक्सचेंज स्थापित करने का भी सुझाव दिया।

भारत के साथ क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की तैयारी
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले रूस के Russian Direct Investment Fund (RDIF), BRICS Pay और BRICS Pay India के बीच भारत के मौजूदा भुगतान ढांचे के साथ प्लेटफॉर्म को जोड़ने तथा पायलट क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशने पर सहमति बनी थी।

हालांकि, अभी तक पूरे BRICS समूह के लिए कोई साझा भुगतान व्यवस्था लागू नहीं हुई है। नई दिल्ली घोषणा में कहा गया है कि BRICS Payment Task Force सीमा-पार लेन-देन के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने पर काम जारी रखेगी।

पुतिन के बयान से साफ है कि रूस BRICS को केवल राजनीतिक मंच के तौर पर नहीं, बल्कि व्यापार, वित्त, भुगतान, तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में वैकल्पिक वैश्विक व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है।

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