NSA प्रमुख जोशुआ रुड अक्टूबर तक पांच नए संगठन बनाने की तैयारी में, साइबर सुरक्षा और युद्ध संचालन भी होंगे प्राथमिकता
वॉशिंगटन 14 सितंबर 2026। अमेरिका की प्रमुख खुफिया एजेंसी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) अपने कामकाज में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। द वॉशिंगटन पोस्ट ने मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि NSA करीब एक दशक में अपने सबसे बड़े आंतरिक पुनर्गठन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, NSA के निदेशक जनरल जोशुआ एम. रुड अक्टूबर के मध्य तक एजेंसी के भीतर पांच नए संगठन बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इन नए संगठनों का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), चीन, साइबर सुरक्षा, युद्ध अभियानों और वैश्विक खुफिया गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों पर ज्यादा केंद्रित तरीके से काम करना होगा।
इन नई इकाइयों के 2027 की शुरुआत तक पूरी तरह से काम करने की स्थिति में आने की उम्मीद है।
AI और चीन से मुकाबला सबसे बड़ी प्राथमिकता
रिपोर्ट के अनुसार, NSA का नया ढांचा खास तौर पर चीन के साथ बढ़ती तकनीकी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा AI के तेजी से बदलते क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करेगा।
NSA अमेरिका की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसियों में से एक है। इसमें करीब 30,000 सैन्य और नागरिक कर्मचारी काम करते हैं और एजेंसी मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जानी जाती है।
NSA का यह पुनर्गठन ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिकी सरकार AI को राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा मुद्दा मान रही है और चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
NSA में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे रुड
मार्च में NSA प्रमुख बनने के बाद से जोशुआ रुड एजेंसी के कामकाज में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं।
इस साल की शुरुआत में ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं कि NSA ने अमेरिकी प्रतिबंधों और पेंटागन की ओर से कंपनी को "सप्लाई चेन रिस्क" घोषित किए जाने के बावजूद AI कंपनी Anthropic के एडवांस्ड मॉडल का इस्तेमाल किया।
रुड पेंटागन के भीतर यूएस साइबर कमांड के प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उनका मानना है कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप NSA में तेज और आक्रामक बदलाव जरूरी है।
बाहर से अधिकारियों की नियुक्ति पर चिंता
हालांकि, प्रस्तावित पुनर्गठन ने NSA के भीतर कुछ कर्मचारियों में चिंता भी पैदा कर दी है। रुड ने संकेत दिया है कि पांच नए संगठनों के प्रमुखों की नियुक्ति के लिए एजेंसी के बाहर से भी लोगों को लाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन पदों पर किसी की नियुक्ति की गई है या नहीं।
पिछला बड़ा पुनर्गठन भी अधूरा
वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, NSA का पिछला बड़ा पुनर्गठन "NSA 21" वर्ष 2016 में तत्कालीन निदेशक माइक रोजर्स के नेतृत्व में शुरू हुआ था। इसे करीब दो साल में पूरा करने की योजना थी, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इसकी प्रक्रिया अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
एक अधिकारी ने मौजूदा योजना को लेकर भी अनिश्चितता जताई। सूत्र के मुताबिक, रुड खुद मानते हैं कि उन्हें अभी यह पूरी तरह पता नहीं है कि पुनर्गठन को अंतिम रूप कैसे दिया जाएगा। इसलिए शुरुआत में ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर बाद में बदला जा सके।
चीन की AI कंपनियों पर अमेरिका के आरोप
NSA का यह कदम अमेरिका और चीन के बीच AI को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।
पिछले सप्ताह NSA, FBI और Cybersecurity and Infrastructure Security Agency (CISA) ने DeepSeek और Alibaba सहित छह चीनी AI कंपनियों पर आरोप लगाया था कि वे अमेरिकी AI मॉडलों से तकनीकी क्षमताएं हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही हैं।
अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि चीनी कंपनियों ने AI मॉडल की डिस्टिलेशन तकनीक का इस्तेमाल कर अमेरिकी कंपनियों के मुकाबले तकनीकी अंतर कम करने की कोशिश की। अमेरिका का आरोप है कि इससे चीनी कंपनियां रिसर्च और कंप्यूटिंग पर होने वाले भारी खर्च से भी बच सकती हैं।
चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। बीजिंग ने अमेरिका पर AI उद्योग में अपना प्रभुत्व बनाए रखने और एकाधिकार स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। चीन ने यह भी चेतावनी दी है कि उसकी कंपनियों को निशाना बनाया गया तो वह कड़े जवाबी कदम उठा सकता है।
NSA का प्रस्तावित पुनर्गठन इस बात का संकेत है कि AI अब अमेरिका की खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का केंद्रीय हिस्सा बनता जा रहा है, जबकि चीन को लेकर तकनीकी और साइबर प्रतिस्पर्धा भी वॉशिंगटन की प्राथमिकताओं में तेजी से ऊपर पहुंच रही है।