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BRICS समिट से पहले बम धमकियों में 5 लाख Gmail अकाउंट्स का इस्तेमाल, Google से जवाब मांगेगा भारत

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Digital Desk
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📍 भोपाल
BRICS समिट से पहले बम धमकियों में 5 लाख Gmail अकाउंट्स का इस्तेमाल, Google से जवाब मांगेगा भारत

16 सितंबर 2026। BRICS समिट से पहले सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अदालतों को भेजी गई फर्जी बम धमकियों की जांच में करीब 5 लाख Gmail अकाउंट्स का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। भारत अब इस मामले में Google से जवाब मांगने की तैयारी कर रहा है।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 5,13,847 Gmail अकाउंट्स से जुड़ा एक डेटाबेस बरामद हुआ है। आरोप है कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल ईमेल के जरिए बम धमकियां भेजने और अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जा रहा था।

गुजरात पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिहार के भागलपुर से गिरफ्तार रोशन कुमार भुमिहार और झारखंड के देवघर से पकड़ा गया गुलशन कुमार सिंह शामिल है। पुलिस के अनुसार, भुमिहार से पूछताछ के बाद सिंह तक पहुंच बनाई गई।

जांच में सामने आया कि कथित तौर पर सिंह बड़ी संख्या में Gmail अकाउंट्स तैयार कर उन्हें इस्तेमाल के लिए दूसरे लोगों को उपलब्ध कराता था। पुलिस का कहना है कि वह वर्ष 2022 से इस तरह के ईमेल अकाउंट्स बनाने और सप्लाई करने में सक्रिय था।

इन अकाउंट्स से गुजरात विधानसभा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालयों के अलावा BRICS समिट में शामिल देशों से संबंधित संस्थानों को भी बम धमकी वाले ईमेल भेजे गए। गुजरात के 10 स्कूलों और 3 अदालतों को भी इसी तरह के ईमेल मिलने की बात सामने आई है। बाद में इन धमकियों को फर्जी पाया गया।

Google से मांगी जाएगी जानकारी
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में Gmail अकाउंट्स तैयार होने और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाने के बावजूद Google के सुरक्षा तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात पुलिस के साइबर क्राइम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विवेक भेड़ा ने कहा है कि पुलिस Google को पत्र लिखकर सुरक्षा और अकाउंट निर्माण से जुड़ी नीतियों में बदलाव की मांग करेगी, ताकि सुरक्षा उपायों को आसानी से दरकिनार न किया जा सके।

पुलिस Google को जांच में औपचारिक रूप से शामिल कर उससे अकाउंट्स के निर्माण, इस्तेमाल और नेटवर्क से संबंधित जानकारी मांगने की तैयारी कर रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि Google पर किसी तरह का आरोप लगाया जाएगा या नहीं।

बांग्लादेश कनेक्शन भी सामने आया
जांच में कथित तौर पर इन Gmail अकाउंट्स के बांग्लादेश में मौजूद लोगों तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि संदिग्धों ने बांग्लादेश में अपने संपर्कों के साथ अकाउंट्स साझा किए और बदले में आर्थिक भुगतान प्राप्त किया।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक बांग्लादेश के एक खरीदार के संपर्क में था। इस खरीदार ने Gmail अकाउंट्स के कई बैच खरीदे थे और भुगतान का कुछ हिस्सा कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया गया।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 5 लाख से अधिक अकाउंट्स का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था, इन्हें किन लोगों को बेचा गया और इनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया।

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