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US जूरी का बड़ा फैसला: Facebook ने डेटा प्राइवेसी को लेकर यूज़र्स को गुमराह किया, 4.39 करोड़ उल्लंघन

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Digital Desk
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📍 भोपाल
US जूरी का बड़ा फैसला: Facebook ने डेटा प्राइवेसी को लेकर यूज़र्स को गुमराह किया, 4.39 करोड़ उल्लंघन

27 सितंबर 2026। अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक जूरी ने Meta Platforms की कंपनी Facebook को यूज़र्स को डेटा प्राइवेसी और प्लेटफॉर्म की नीतियों के बारे में गुमराह करने के मामले में जिम्मेदार ठहराया है। जूरी ने न्यू मैक्सिको के उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत Facebook के 4,38,99,725 उल्लंघन पाए हैं। अब इन उल्लंघनों पर जुर्माने की राशि एक जज तय करेंगे।

यह मामला 2018 में सामने आए Cambridge Analytica डेटा स्कैंडल से जुड़ा है। उस समय खुलासा हुआ था कि Facebook के एक थर्ड-पार्टी क्विज ऐप के जरिए करीब 8.7 करोड़ यूज़र्स की प्रोफाइल से जुड़ा डेटा हासिल किया गया था। इस डेटा का इस्तेमाल राजनीतिक प्रोफाइलिंग और टारगेटिंग के लिए किया गया था। Cambridge Analytica के ग्राहकों में 2016 का Donald Trump राष्ट्रपति चुनाव अभियान भी शामिल था।

जूरी ने किन मामलों में Facebook को दोषी माना?
न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज़ के कार्यालय की ओर से दायर मामले में आरोप था कि Facebook ने यूज़र्स को यह भरोसा दिलाया कि उनका निजी डेटा सुरक्षित है और वे इस बात पर नियंत्रण रखते हैं कि उनकी जानकारी किसके साथ साझा की जाती है।

राज्य की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि Cambridge Analytica विवाद सामने आने के बाद Facebook ने थर्ड-पार्टी ऐप्स की जांच, डेटा के दुरुपयोग और प्रभावित यूज़र्स को सूचना देने को लेकर ऐसे दावे किए, जिन्हें कंपनी ने पूरी तरह लागू नहीं किया।

जूरी ने डेटा प्राइवेसी के अलावा Facebook की मिसइन्फॉर्मेशन, हेट स्पीच और कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स से जुड़ी कुछ सार्वजनिक घोषणाओं को भी भ्रामक माना। जूरी ने कुल मिलाकर न्यू मैक्सिको के Unfair Practices Act के तहत करीब 4.39 करोड़ उल्लंघन पाए।

$219 अरब की बात क्यों हो रही है?
न्यू मैक्सिको के कानून के तहत जानबूझकर किए गए प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम 5,000 डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाया जा सकता है। राज्य के वकील प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम जुर्माने की मांग कर रहे हैं।

4.39 करोड़ उल्लंघनों को 5,000 डॉलर से गुणा करने पर संभावित राशि लगभग 219 अरब डॉलर बैठती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Meta को अभी 219 अरब डॉलर का जुर्माना लगा दिया गया है। जूरी ने उल्लंघनों की संख्या पर फैसला दिया है, जबकि वास्तविक जुर्माने की राशि जज तय करेंगे।

Meta ने फैसले से असहमति जताई
Meta ने जूरी के फैसले से असहमति जताई है। कंपनी का कहना है कि वह अपने रिकॉर्ड को गलत तरीके से पेश किए जाने के खिलाफ अपना बचाव जारी रखेगी।

Meta की ओर से यह भी कहा गया है कि कंपनी ने समय के साथ प्राइवेसी और यूज़र डेटा की सुरक्षा को लेकर अपने सिस्टम में सुधार किए हैं। कंपनी के मुताबिक, मामले में इस्तेमाल किए गए कुछ आरोप और सबूत कई साल पुराने हैं।

2021 में शुरू हुआ था मामला
न्यू मैक्सिको ने यह मुकदमा 2021 में शुरू किया था। राज्य का आरोप था कि Facebook ने यूज़र्स को यह नहीं बताया कि थर्ड-पार्टी ऐप्स किस तरह उनकी जानकारी तक पहुंच सकते हैं और Cambridge Analytica मामले के सामने आने के बाद कंपनी ने डेटा के संभावित दुरुपयोग की जांच को लेकर भी यूज़र्स को गुमराह किया।

मामले की सुनवाई सितंबर 2026 में शुरू हुई और करीब दो सप्ताह की सुनवाई के बाद 25 सितंबर को जूरी ने अपना फैसला सुनाया। न्यू मैक्सिको के अनुसार, यह राज्य स्तर पर किसी बड़ी सोशल मीडिया कंपनी की डेटा प्राइवेसी और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी ऐसी कार्रवाई है, जो जूरी के फैसले तक पहुंची।

न्यू मैक्सिको में Meta की दूसरी बड़ी कानूनी हार
यह न्यू मैक्सिको में Meta के खिलाफ इस साल आया दूसरा बड़ा फैसला है। इससे पहले बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक अलग मामले में Meta पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल पेनल्टी लगाया गया था। बाद में जज ने 567 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त उपायों और भुगतान का आदेश दिया, जिससे उस मामले में कुल वित्तीय दायित्व 942 मिलियन डॉलर हो गया।

नए मामले में अब अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया जुर्माने की राशि तय करने की होगी। इसके बाद Meta के पास फैसले को चुनौती देने के कानूनी विकल्प भी हो सकते हैं।

Cambridge Analytica विवाद के लगभग आठ साल बाद आया यह फैसला यह दिखाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से यूज़र्स के डेटा, प्राइवेसी और अपनी नीतियों के बारे में किए गए सार्वजनिक दावों पर अमेरिकी राज्यों की कानूनी निगरानी कितनी गंभीर हो चुकी है।

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