खेरसॉन क्षेत्र के फ्रंटलाइन शहर में फंसे नागरिकों तक भोजन, पानी और दवाएं पहुंचाने के लिए युद्धविराम पर सहमति का दावा, सुरक्षित निकासी का भी प्रस्ताव
24 अक्टूबर 2026। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच खेरसॉन क्षेत्र के सीमावर्ती शहर अल्योश्की में फंसे नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनने की खबर सामने आई है। क्रेमलिन के अनुसार, अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प की पहल और मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन इस मानवीय अभियान के लिए तैयार हुए हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत राहत सामग्री पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का रास्ता तैयार किया जाएगा।
व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को घोषित इस समझौते के अनुसार, दोनों पक्षों ने 29 अक्टूबर से अल्योश्की में सैन्य अभियान रोकने पर सहमति जताई है। हालांकि, युद्धविराम की वास्तविक अवधि, जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था को लेकर सैन्य अधिकारियों के बीच समन्वय किया जा रहा है।
अल्योश्की में गंभीर मानवीय संकट
खेरसॉन क्षेत्र में फ्रंटलाइन के निकट स्थित अल्योश्की में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण आम नागरिकों को बुनियादी जरूरतों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, शहर में भोजन, साफ पानी, दवाओं और चिकित्सा सेवाओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
ड्रोन हमलों और दूर से बिछाई जाने वाली बारूदी सुरंगों के खतरे के कारण राहत सामग्री पहुंचाना और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना मुश्किल हो गया है। अनुमान है कि शहर में करीब 1,500 से 2,000 नागरिक अब भी फंसे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों की बताई जा रही है, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता और जरूरी सामान की आवश्यकता है।
मेलानिया ट्रम्प ने अल्योश्की की स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए इसे तबाही के कगार पर खड़ा फ्रंटलाइन शहर करार दिया। उन्होंने कहा कि वहां बचे लोगों में मुख्य रूप से बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा देखभाल, दवाओं, भोजन और स्वच्छ पानी की जरूरत है।
नागरिकों को उनकी इच्छा के अनुसार सुरक्षित स्थान पर ले जाने की योजना
प्रस्तावित मानवीय अभियान के तहत रूस और यूक्रेन के नागरिक प्रतिनिधि अल्योश्की में रह रहे लोगों की जरूरतों का आकलन करेंगे। इसके बाद उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें रूस या यूक्रेन में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में सहायता दी जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जो लगातार संघर्ष और आवश्यक सेवाओं की कमी के कारण शहर में फंसे हुए हैं। हालांकि, अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि युद्धविराम का पालन किस हद तक होता है और राहतकर्मियों तथा नागरिकों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति मिलती है या नहीं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि सैन्य अधिकारी युद्धविराम के समय और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मेलानिया ट्रम्प की पहल का स्वागत करते हुए मानवीय अभियान में उनके योगदान की सराहना की।
पेस्कोव ने रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रतोवा और यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्री लुबिनेट्स के प्रयासों का भी उल्लेख किया। दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को नागरिकों की सहायता और सुरक्षित निकासी की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच आरोप-प्रत्यारोप
अल्योश्की में मानवीय संकट को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। मॉस्को ने कीव पर आरोप लगाया है कि उसने शहर की घेराबंदी कर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित की और मानवीय राहत के रास्तों को निशाना बनाया।
रूसी विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि रोडियन मिरोशनिक ने पहले इस स्थिति को आधुनिक तरीकों से की गई मध्ययुगीन घेराबंदी बताया था। उन्होंने यूक्रेनी सेना पर स्थानीय नागरिकों को शहर से बाहर जाने से रोकने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के दावों का आकलन करते समय स्वतंत्र रिपोर्टों और जमीन पर मौजूद मानवीय संगठनों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
पुतिन और ट्रम्प के बीच भी हुई थी चर्चा
क्रेमलिन के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी महीने फोन पर बातचीत के दौरान अल्योश्की में मानवीय स्थिति पर चर्चा की थी। बातचीत के बाद दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर समन्वय बनाए रखने की सहमति बनी।
रूसी पक्ष के अनुसार, मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रतोवा मेलानिया ट्रम्प के कार्यालय के संपर्क में रहेंगी, ताकि राहत अभियान से जुड़ी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जा सके।
यदि प्रस्तावित युद्धविराम प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो इससे अल्योश्की में फंसे नागरिकों तक जरूरी सामान पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर निकालने का अवसर मिल सकता है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि सैन्य गतिविधियां वास्तव में रुकें, मानवीय गलियारों की सुरक्षा बनी रहे और आम नागरिक बिना किसी दबाव के अपनी पसंद के स्थान पर जा सकें।
नोट: यह खबर उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर पुनर्लिखी गई है। युद्धविराम, मेलानिया ट्रम्प की मध्यस्थता और संबंधित पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि प्रकाशन से पहले की जानी चाहिए।