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टसर गोल्ड पर राजस्थान के शाही ठाठ और क्रेप पर उकेरी कश्मीरियत, 9 दिवसीय सिल्क इंडिया एक्जीबिशन शुरु

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प्रतिवाद
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📍 Bhopal
टसर गोल्ड पर राजस्थान के शाही ठाठ और क्रेप पर उकेरी कश्मीरियत, 9 दिवसीय सिल्क इंडिया एक्जीबिशन शुरु
10 फरवरी 2017, राजधानी में सिल्क उत्पादो की नौ दिवसीय प्रदर्शनी सिल्क इंडिया बिट्ठन मार्केट स्थित रविशंकर नगर कम्युनिटी हाल में आज से आरंभ हुई। इस प्रदर्शनी में देश भर से आए सिल्क बुनकरों ने अपनी कलात्मकता को प्रर्दशित किया है। प्रदर्शनी में आए बुनकरों ने टसर गोल्ड पर राजस्थानी राज महाराजाओं की शानों शौकत को दर्शाया है वंही कश्मीरी चिनान की साड़ियां भी लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। यहां क्रेप की साड़ी की कीमत डेढ़ लाख रुपए है।



उपरोक्त जानकारी हस्तशिल्पी प्रबंधक राजेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि मैसूर की ये संस्था देश भर के दूरस्थ अंचलो के उन बुनकरों को अपनी कला के प्रदर्शन के लिए मंच उपलब्ध करा रही है जो कई दशको से सिल्क कला को जीवित रखे हुए हैं। इसी प्रयास के तहत संस्था द्वारा बिट्टन मार्केट स्थित रविशंकर नगर कम्युनिटी हॉल में दिनांक 10 से 19 फरवरी तक सिल्क इंडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी में देश भर के सिल्क कारीगर अपने बेहतरीन उत्पादों के साथ आए हैं। कारीगरों ने बड़ी ही खुबसुरती के साथ सिल्क पर अपनी कल्पनाओं को आकार दिया है।



प्रदर्षनी में पश्चिम बंगाल से आए शांतनु ने विष्णुपुरी सिल्क और खादी सिल्क पर जंगल में कुलांचे मारते हिरन, आकाश में उड़ते उन्मुक्त पंक्षियों को दर्शाया है। वहीं बुनकर शुभाशीष अपने साथ आरी स्टीच वर्क की साड़ियां लाए हैं। इसे बनाने के लिए पहले सिल्क पर पेंटिंग की जाती हैे फिर पेंटिंग पर धागे से बुनाई होती है। एक साड़ी को बनाने में तीन माह तक का समय लग जाता है। आरी स्टिच के वर्क से उन्होने कोलकाता के ग्रामीण जनजीवन को दर्शाया है। कश्मीर से आए शौकत शिफान और चिनान की साडियों पर ब्लाक प्रिंट कर लाए हैं। चिनान पूरी दुनिया में केवल कश्मीर मे होता है। उनके पास क्रेप की वर्क वाली साड़ियों का भी संग्रह है। डेढ़ साल में बनने वाली इन साड़ियों की कीमत डेढ़ लाख रुपए तक है।



राजेश ने बताया कि कलाप्रेमी दोपहर 10.30 बजे से रात 8.30 बजे तक देश भर के कोने कोने से आए बुनकरो की बुनाई कला को देखने के लिए आमंत्रित है।





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