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लड़की की शादी में खाना और दहेज लेना और देना इस पर पाबंदी हो अलीम फल्की

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प्रतिवाद
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📍 Bhopal
लड़की की शादी में खाना और दहेज लेना और देना इस पर पाबंदी हो अलीम फल्की
इंदिरा प्रियदर्शिनी काॅलेज खानु गाॅव में महिलाओं के विषय पर एक संगोष्ठि का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित हुईं इस अवसर पर सऊदी जद्दा से आए अलीम खान फल्की सा. ने कहा कि लड़की की शादी में लड़की वालों की तरफ से जो खाना देने का रिवाज चल रहा है वह गलत है क्योंकि ऐसी शादियों में जहाॅ लड़की वालों की तरफ से खाना दिया जाता है उस शादी में जाने वालों पर लानत है क्योंकि लड़की वाले अपनी लड़की की शादी करते हैं तो उनके माली हालात क्या हैं यह किसी को मालूम नहीं होता एक ओर लड़की की

शादी के लिये दहेज देने का रिवाज भी आम है और लड़की वालों पर इसका बोझ पड़ता है, दहेज देने और लेने की प्रथा भी ख़त्म होना चाहिए ऐसे कईं घरों में लड़कियाॅ हैं जो दहेज का इंतिजाम ना होने के कारण बैठी हैं। इन प्रथाओं पर पाबंदी लगाना चाहिए।



आगे आरिफ मसूद ने कहा कि तलाक़ के मसले को उठाकर सरकार इस्लाम को बदनाम करना चाहती है और इसमें बदलाव लाना चाहती है जो कि सरा-सर ग़लत है इस्लाम में मर्दाें से ज्यादा महिलाओं को इज़्ज़्त दी गई है इस्लाम में तलाक देना उस सूरत में है जब दोनों एक दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते उस सूरत में तलाक दी जाती है। जहाॅ तक शादियों में महंगा खर्च करने की रिवायत चली आ रही है उसे बंद होना चाहिए क्योंकि लड़की वालों की स्थिति अगर खराब भी है तो उसे खाना और दहेज देना ही पड़ रहा है। हम सबको मिलकर इस रिवायत का बायकाॅट करना चाहिए जिससे की जो लड़कियाॅ घरों में बैठी हैं शादी के लिये उनकी शादियाॅ जल्दी हों।





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