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1 अप्रैल से स्कूल व कालेज के बसों में लगेंगे जीपीएस सिस्टम

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प्रतिवाद
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📍 Bhopal
1 अप्रैल से स्कूल व कालेज के बसों में लगेंगे जीपीएस सिस्टम
21 फरवरी 2017, जिले में स्कूल और कालेज की बसों में सुरक्षा को लेकर अब अभिभावकों को चिंता नहीं करनी पड़ेगी। वे अपने बच्चे को स्कूल बस से आने-जाने पर निगरानी रख सकेंगे। अब बस के ड्रायवर और कण्डक्टर पुलिस, आरटीओ और जिला प्रशासन की निगरानी में हमेंशा बनें रहेंगे। दरअसल, सोमवार को कलेक्टर निशांत वरवड़े ने स्कूल और कालेज बस संचालकों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से यह तय किया गया। 1 अप्रैल से स्कूल और कॉलेज बस जीपीएस सिस्टम के साथ ही चलेंगे।







बच्चों के अभिभावकों की होगी चिंता दूर

जिला प्रशासन, पुलिस और आरटीओ की रहेगी निगरानी





निगरानी के लिए बनेंगे तीन सेंटर

जीपीएस सिस्टम से लैस इन बसों की निगरानी के लिए तीन सेंटर बनाए जाएंगे। यह सेंटर जिला प्रशासन, पुलिस कंट्रोल रूम और आरटीओ कार्यालय में रहेंगे। इसके अलावां जो कंपनी जीपीएस बसों में लगाएगी वह एप भी तैयार करेंगी जिससे कि अभिभावक भी बच्चों की लोकेशन इस एप की मदद से देख सकेंगे। सिस्टम कौन सी कंपनी लगाएगी इसके लिए आगामी सोमवार को होने वाली बैठक में तय हो जाएगी।



पालक को देने होगें हर बच्चे पर 8 रुपए

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बस संचालक ही नहीं, बल्कि पालकों को भी राशि खर्च करनी होगी। प्रति माह बच्चे के अभिभावकों को 8 रुपए के मान से बस किराए के अलावा देना होगा। ये राशि सिस्टम को मेन्टेनेंस करने में लगेगा।



यह भी दिए निर्देश

बस में फस्ट ऐड बाक्स, इमरजेंसी गेट, बस के अंदर कम्पलेंट बुक रखना अनिवार्य होगा।

सुप्रीम कोर्ट की गाईडलाइन का पालन सभी बस संचालकों को करना होगा।

बस के पीछे टेलीफोन नंबर लिखा जाना आवश्यक है, जिससे कि घटना होने पर स्कूल प्रबंधन को उसकी तत्काल सूचना दी जा सके।



भोपाल में कुल बसों की संख्या - 2 हजार

बस से जाने वाले बच्चों की संख्या - लगभग 1 लाख



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