28 दिसंबर 2017। मप्र में अब रामसर कन्वेंशन का पालन होगा। यह कन्वेंशन 46 साल पहले वर्ष 1971 में ईरान देश के रामसर में हुआ था तथा विश्व समुदाय ने प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के लिये एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये थे। इस पर अमल की शुरुआत वर्ष 2010 में करते हुये भारत सरकार ने 4 दिसम्बर 2010 को आद्रभूमि (वेटलैण्ड) संरक्षण और प्रबंधन नियम जारी किये थे। चूंकि जल एवं भूमि राज्य सरकार का विषय है इसलिये केंद्र सरकार ने वर्ष 2010 के नियम निरस्त कर अब नये नियम बना दिये हैं जिसके तहत वेटलैंड उसे माना गया है जो ईरान देश के रामसर में वर्ष 1971 में आयोजित कन्वेंशन में परिभाषित किये गये थे तथा यह वेटलैंड प्राकृतिक या कृत्रिम, स्थाई या अस्थाई जल जो ठहरा है या बहते, ताजे, खारे या लावणी जिसके अंतर्गत समुद्री जल का जिसकी गहराई ज्वार की स्थिति में छह मीटर से अधिक की न हो अभिप्रेत होगा परन्तु इसमें नदी जल मार्ग, धान के खेत, पेयजल प्रयोजनार्थ विशिष्ट रुप से मानव निर्मित जल निकाय/जलाशय, मत्स्यपालन, नमक उत्पादन और सिंचाई प्रयोजनों के लिये विशिष्ट रुप से निर्मित संरचनायें शामिल नहीं हैं।
वेटलैंड घोषित करने हेतु भारत सरकार ने मप्र सरकार से ऐसे जलस्रोत चिन्हित करने के लिये कहा है। राज्य सरकार ने 500 हैक्टेयर से अधिक के ऐसी 113 जलाशय चिन्हित किये हैं परन्तु उसमें से मात्र 54 जलाशयों की ही विस्तृत जानकारी जल संसाधन के भोपाल स्थित मुख्यालय को भेजी गई है जोकि निर्धारित बिन्दुओं पर नहीं है। इसलिये अब फिर से जल संसाधन के सभी कमांड एरियों को सभी 113 वेटलैंड जलाशयों की जानकारी निर्धारित फार्मेट और बिन्दुओं पर भेजने के लिये कहा है।
यह नहीं हो सकेगा वेटलैंड में :
प्रदेश के जिन जलाशयों को वेटलैंड घोषित किया जायेगा उनमें जलीया जीवों का शिकार नहीं हो सकेगा और न ही उस पर अतिक्रमण ही हो सकेगा। ऐसे वेटलैंड के पास न ही उद्योगों की स्थापना हो सकेगी और न ही पहले से विद्यमान उद्योगों का विस्तार हो सकेगा। इसके अलावा इन जलाशयों में उद्योग, बस्तियों आदि का आने वाला प्रदूषित पानी भी नहीं आ सकेगा तथा उसके उपचार हेतु संयंत्र लगाने होंगे। सभी वेटलैंड के संरक्षण एवं प्रबंधन हेतु राज्य के पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में स्टेट वेटलैंड अथारिटी का भी गठन किया जायेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि मुख्यालय से वेटलैंड की जानकारी मांगी है तथा इसकी नये सिरे से जानकारी भेजी जा रही है। वेटलैंड पर मुख्य रुप से अतिक्रमण नहीं हो सकेगा।
- डॉ नवीन जोशी
रामसर कन्वेंशन का अब मप्र में पालन होगा
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Bhopal 👤By: Admin Views: 2246
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