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सीएम डॉ. मोहन ने मां वाग्देवी की पूजा के बाद दी बड़ी सौगात, अब धार में बनेंगे मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 130

750 साल में पहली बार धार की भोजशाला में विधि-विधान से हुई पूजा
सीएम डॉ. मोहन ने करोड़ों के विकासकार्यों का किया भूमि-पूजन और लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में कानूनी फैसलों को लागू कराने का सामर्थ्य
भोजशाला आंदोलन में प्राणों की आहूति देने वालों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा

धार 25 मई 2026। मध्यप्रदेश में 25 मई को वो हुआ, जो पिछले 750 साल में नहीं हुआ। यहां पहली बार भोजशाला में मां वाग्देवी का पूरे विधि-विधान से पूजन हुआ। पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने यहां पूजा-अर्चना की। यह पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस बात से गदगद होकर उन्होंने धारवासियों को न केवल बधाई दी, बल्कि यहां तक कह दिया कि अब धार में वो सब होगा, जो वो चाहेंगे। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि धार में मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थानों की स्थापना की जाएगी। अब से धार जिला सबसे आगे रहेगा।

गौरतलब है कि, सीएम डॉ. यादव ने भोजशाला परिसर में प्रवेश करते ही मां वाग्देवी का ध्यान किया। उसके बाद उन्होंने विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना की। उसके बाद उन्होंने मां की आरती की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज गंगा दशमी का पावन दिन है। धार राजा भोज की नगरी है। राजा भोज- सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन, तीनों मालवा के ऐसे लाल हैं, जिनकी वजह से सनातन संस्कृति ने दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाई है। राजा भोज ने खुद कई किताबें लिखीं और पुरातन महत्व की इमारत बनवाईं। दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग अगर किसी ने बनवाया, तो राजा भोज ने बनवाया। राजा भोज ने नदी की मुख्य धारा को बंद करने के बजाए, भोपाल तालाब बनाया। उनकी तकनीक पर अच्छे से अच्छे विद्वान दांतों तले अंगुलि दबाते हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज ने कवि सम्मेलन कराया और कवियों को एक-एक सोने की ईंट का अवॉर्ड दिया। यह है हमारा गौरवशाली अतीत।

सामर्थ्यवान हैं हमारे प्रधानमंत्री मोदी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरासत से विकास की बात की। उन्होंने 12 साल के शासनकाल में वह सबकुछ करके दिखाया, जो एक देश के लिए जरूरी होता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में न्यायालय के निर्णयों को लागू करने का सामर्थ्य होना चाहिए, यह सामर्थ्य प्रधानमंत्री मोदी में है। ये बदलते दौर का समय है। भगवान राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया और प्रधानमंत्री मोदी ने सबको साथ लेकर उस फैसले का अनुपालन कराया।

नई दुनिया में प्रवेश कर रहा धार
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला का निर्णय हुआ है। धार अब नई दुनिया में प्रवेश कर रहा है। मैं उच्च न्यायालय के इस फैसले के लिए धारवासियों को बधाई देता हूं। इस फैसले के पीछे आपका 750 साल पुराना संघर्ष है। इस मामले में न्यायालय ने दूध का दूध और पानी का पानी किया है। आने वाले समय में धार को और आगे बढ़ाने का संकल्प करने की जरूरत है। अब धार सबसे आगे बढ़ेगा। पीएम मित्रा पार्क में आदिवासी भाई-बहनों के कपास से कपड़े बनेंगे, यहीं से निर्यात होंगे। उन्होंने कहा कि धार पूरे प्रदेश में सबसे अच्छा औद्योगिक जिला है। हमने मां वाग्देवी के दर्शन करके धार के और आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। हम मां सरस्वती का लोक बनाने की घोषणा करते हैं। यहां वो सब होगा जो आपने चाहा है। यह पर्यटन का, साहित्य का केंद्र बनेगा। मैं राजा भोज शोध संस्थान की भी घोषणा करता हूं।

धार की बदल जाएगी सूरत
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज गंगा दशमी का दिन है। राजा भोज ने जल संरक्षण को लेकर बहुत काम किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को लेकर कई काम हो रहे हैं। इन सब कामों में मध्यप्रदेश सबसे आगे काम कर रहा है। आज पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के लिए सहभागिता हो रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान में 2 लाख 82 हजार 188 काम प्रारंभ करने का लक्ष्य लिया है। इसमें अभी 2500 करोड़ रुपये के काम चल रहे हैं। कूओं को रिचार्ज कर रहे हैं, 55 हजार से अधिक खेत-तालाब बनाए गए, 105 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया, 8 लाख से ज्यादा जल दूत बनाए गए। हमारा लक्ष्य 2024 था, इसकी तुलना में 9630 काम किए। धार में खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, सिंचाई संरचना, जल संरक्षण के काम हो रहा है। 64 प्राचीन बावड़ियों-64 प्राचीन तालाबों का संरक्षण और जीर्णोद्धार कर रहे हैं। यहां 88 करोड़ 4 लाख की लागत से बनने वाले 12 कार्यों का भूमि-पूजन किया।

भोजशाला आंदोलन मे प्राण गंवाने वालों को आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला आंदोलन में अपने प्राणों की आहूति देने वाले स्वर्गीय पंत सिंह, स्वर्गीय अंतर सिंह और स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह के परिजन को सम्मानित किया और तीनों के परिवार को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की। तीनों बलिदानियों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया।

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