27 मई 2026। जानलेवा चीनी मांझे के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में चीनी मांझे के उपयोग, उत्पादन, बिक्री, भंडारण और आयात पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करते हुए चीनी मांझा रखने, बेचने या इस्तेमाल करते पाए जाने पर दोषियों को 5 साल तक की जेल और ₹1 लाख तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
यह कदम राज्य में लगातार सामने आ रही उन घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनमें चीनी मांझे से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ मामलों में जान भी गंवानी पड़ी है। प्रशासन का मानना है कि यह सिंथेटिक और धातुयुक्त धागा लोगों, पक्षियों और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
अपराध जांच विभाग (CID) के विशेष महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों, रेलवे पुलिस अधीक्षकों तथा भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों को सख्ती से दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब्त किए गए चीनी मांझे का निस्तारण उसी प्रक्रिया के तहत किया जाए, जैसी ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट’ (NDPS Act) के तहत जब्त सामग्री के नष्टिकरण में अपनाई जाती है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि मांझे को खुले में न फेंका जाए और न ही खुले में जलाया जाए, क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बजाय इसे सुरक्षित तरीके से औद्योगिक भट्ठियों (इंसिनरेटर) में नष्ट किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय ने उन ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चीनी मांझे की बिक्री में शामिल हैं। इसके अलावा गृह विभाग ने स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं ताकि मांझे के परिवहन, भंडारण और अवैध कारोबार का समय रहते पता लगाया जा सके।
प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों और पतंगबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना तथा नागरिकों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।















