मंदार एंड नो मोर फाउण्डेशन का 'तिनका' बनेगा डूबतों का सहारा

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 1424

Bhopal: जन-संपर्क विभाग के सचिव एवं आयुक्त पी. नरहरी ने दिया

इस मिशन के विस्तार हेतु मार्गदर्शन

25 मई 2019। जन-संपर्क विभाग के सचिव एवं आयुक्त पी. नरहरी के मुख्य आतिथ्य में मंदार एंड नो मोर फाउण्डेशन द्वारा शनिवार को एम पी नगर भोपाल में एक कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें जल दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जागरुकता बढाने के अनेक उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दिन भर चले इस कार्यक्रम में षहर के स्कूल, कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के लगभग 100 प्रतिनिधि षामिल हुए। इनमें स्कोप कॉलेज, आरएनटीयू, आरकेडीएफ, भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन, रोटरी क्लब, गोविंदपुरा एवं मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया आदि शामिल थे।



कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलपति अमिताभ सक्सेना ने कहा कि डूबने से सुरक्षा संबंधी शिक्षा को छोटे बच्चों के पाठ्यक्रम में ही शामिल कर लेना चाहिये। इस हेतु संस्थाओं एवं विद्यार्थियों के लिये क्रेडिट सिस्टम बनाया जा सकता है जो कि औपचारिक शिक्षा का भाग हो। उन्होंने 'तिनका' को विश्वविद्यालय की ओर से सहयोग और सहायता का आश्वासन दिया।

ज्ञात हो कि भारत में डूबने से प्रति वर्ष 35000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है। इनमें मध्यप्रदेश में लगभग 4000 सबसे अधिक संख्या दर्ज होती है।



'तिनका' नामक अभियान फाउण्डेशन द्वारा चलाया जाता है जिसमें स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को सुरक्षा के प्रति सचेत एवं संवेदनशील बनाया जाता है। इस अभियान के तहत शीघ्र हीे भोपाल एवं इंदौर के 100-100 शैक्षिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसी विस्तार को और प्रभावी बनाने के लिये कार्यक्रम का कंटेंट सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत इस कार्यशाला में लगभग 100 लोगों ने योगदान दिया जिनमें विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित शिक्षक, प्रोफेसर, मनोविशेषज्ञ, प्रशिक्षक, पालकगण, मोटिवेशनल स्पीकर, परामर्शदाता और स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों ने शामिल थे।



मुख्य आतिथि जन-संपर्क विभाग के सचिव एवं आयुक्त पी. नरहरी ने इस अभियान को आवश्यक बताते हुए कहा कि समस्त मीडिया को इस उद्देश्य के लिये पार्टनर बनाना चाहिये। उन्होंने मंदार-एंड-नो-मोर को नागरिकों द्वारा सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की एक मिसाल बताया इससे अभियान से जुड़े सभी व्यक्तियों और संस्थाओं की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया की इस अनुकरणीय प्रयास से देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को प्रेरणा मिलेगी और अन्य जलाशयों को भी पर्यटकों के लिए सुरक्षित बनाया जा सकेगा।



पी. नरहरी ने सोशल मीडिया के प्रभाव को उल्लेखित करते हुए कहा कि डूबने से बचाव के लिये इस विषय पर छोटे वीडियो बनाने चाहिये। उन्होंने कहा कि विभाग इस कार्य में पूरा सहयोग करेगा। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक डूबने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में जलदुर्घटना रोकथाम के कार्य को विस्तार देना चाहिये। पी. नरहरी ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस अभियान में महती भूमिका अदा कर सकता है। बच्चों में बिहेवियरल चेंज के लिये आवश्यक शिक्षा और सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढाने के उपाय करने चाहिये।



कार्यशाला में ए आई सी आरटेक के निदेशक अमित राजे, आयकर विभाग के अपर आयुक्त संजय अग्रवाल, फाउण्डेशन के विश्वास घुषे, एस पी बंसल, भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन के सचिव एन के छिब्बर, रोटरी क्लब ईस्ट भोपाल के सदस्य भी सहभागी हुए। कार्यक्रम का संचालन अमेय एवं प्रीती खरे द्वारा किया गया।

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