शिवराज को फॉलो करते कमलनाथ.....?

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 355

Bhopal: 12 साल बाद फिर बनेगी विधानसभावार सिंचाई योजनाओं की किताब



विधायकों व सांसदों के नाम एवं मोबाईल नंबर भी दर्ज होंगे



21 अगस्त 2019। कमलनाथ सरकार एक बार फिर विधानसभावार सिंचाई योजनाओं की किताब प्रकाशित करने जा रही है। इस किताब में संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक और सांसदों का नाम एवं मोबाईल नंबर भी दर्ज होगा।

दरअसल यह प्रयोग पिछली शिवराज सरकार ने वर्ष 2007 में किया था। इससे पता चलता था कि हर विधानसभा क्षेत्र में कितनी सिंचाई योजनायें हैं और आगे क्या करने की जरुरत है। इसी किताब के कारण प्रदेश को लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने लगे थे। लेकिन यह किताब सिर्फ वर्ष 2007 में ही बनी तथा उसके बाद यह बनना बंद हो गई। इसकी अहमियत देख कमलनाथ सरकार ने पुन: ऐसी किताब प्रकाशित करने का निर्णय लिया है।

राज्य के जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता मदन सिंह डावर ने अपने अधीनस्थ सभी कमांड एरिया, परियोजनाओं और पीएमयू के मुख्य अभियंताओं से कहा है कि माननीय विधायकों को उनके क्षेत्रवार विभागीय गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराया जाना है। इस संबंध में जानकारी की एकरुपता हेतु एक निर्धारित प्रारुप में यह विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी भेजी जाये। जो प्रारुप सभी मुख्य अभियंताओं को भेजा गया है वह वर्ष 2007 में प्रकाशित की गई किताब का है। इस किताब का शीर्षक ?विधानसभा क्षेत्रवार सिंचाई योजनाओं की जानकारी? है। इसमें हर विधानसभा क्षेत्र का नाम एवं क्रमांक तथा संबंधित क्षेत्र के विधायक एवं सांसद का नाम, पता एवं मोबाईल नंबर भी दिया गया है।

ये जानकारियां भी रहेंगी किताब में :

किताब में हर विधानसभा क्षेत्र का मानचित्र होगा। इसमें विधानसभा क्षेत्र का क्षेत्रफल, निरबोया क्षेत्रफल, सिंचाई का विभागीय, निजी स्रोत से प्रतिशत, जनसंख्या, आदिवासी एवं गैर आदिवासी जनसंख्या का प्रतिशत, औसत वर्षा, प्रमुख फसलें, प्रमुख नदियां, जल संसाधन विभाग के कार्यालय, निर्मित सिंचाई योजनायें, निर्माणीधीन सिंचाई योजनायें, प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनायें, सर्वेक्षित सिंचाई योजनायें, सर्वेक्षणाधीन सिंचाई योजनायें, चिळिनत सिंचाई योजनायें आदि की जानकारी होगी।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2007 में ऐसी किताब प्रकाशित की गई थी तथा अब पुन: ऐसी किताब प्रकाशित की जायेगी। इसके लिये तैयारियां प्रारंभ हो गई है।



डॉ. नवीन जोशी

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