जिला खनिज प्रतिष्ठानों की निधि अब 'सीमा' की स्टडी पर व्यय की जायेगी

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 182

Bhopal: वाल्मी के प्रस्ताव पर गठित होगा सेंटर फार एक्सीलेंस फार माईनिंग एफेक्टेड एरिया यानि 'सीमा'

20 नवंबर 2019। राज्य सरकार के खनिज संसाधन विभाग के अंतर्गत संचालित जिला खनिज प्रतिष्ठान की निधि का उपयोग अब राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत मप्र जल एवं भूमि संस्थान यानि वाल्मी के प्रस्ताव पर गठित होने वाले सेंटर फार एक्सीलेंस फार माईनिंग एफेक्टेड एरिया यानि 'सीमा' की स्टडी पर होगा। शीघ्र ही यह 'सीमा' नामक संस्थान गठित होगा।
यह बतायेगा 'सीमा' :
शीघ्र गठित होने वाले 'सीमा' संस्थान द्वारा खनन वाले क्षेत्रों में जिला खनिज प्रतिष्ठान की निधि किस प्राथमिकता से व्यय की जाये, इसका अध्ययन किया जायेगा तथा वह अध्ययन के बाद प्राथमिकता का निर्धारण करेगा। जिला खनिज प्रतिष्ठान की निधि के व्यय हेतु राज्य सरकार द्वारा नियम जारी हो चुके हैं तथा इसमें निधि के व्यय हेतु प्राथमिकतायें भी दी गई हैं जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पेयजल, अधोसंरचना निर्माण आदि दिये गये हैं। परन्तु इन प्राथमिकताओं में से पहले किसे लिया जाये यह नियमों में नहीं है। इसके लिये वाल्मी ने प्रस्ताव किया है कि सेंटर फार एक्सीलेंस फार माईनिंग एफेक्टेड एरिया यानि ‘सीमा’ का गठन किया जाये जिसमें विषय के विशेषज्ञ रखे जायें जो खनन वाले क्षेत्र में अध्ययन कर बताये कि प्रतिष्ठान की निधि का व्यय सबसे पहले किस मद में किया जाये और इसके बाद किन मदों को लिया जाये।
मिल गई है सैध्दांतिक सहमति व चलेगा पायलट प्रोजेक्ट :
सेंटर फार एक्सीलेंस फार माईनिंग एफेक्टेड एरिया यानि 'सीमा' के गठन हेतु राज्य शासन ने सैध्दांतिक सहमति दे दी है। अब खनिज विभाग 'सीमा' के गठन की तैयारी कर रहा है। इसके गठन के बाद इस संस्थान से चार चयनित जिलों
में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जायेगा यानि इन चयनित चार जिलों में यह संस्थान प्रतिष्ठान की निधि के उपयोग हेतु मदों का क्रम बतायेगा। जिन चार जिलों का चयन किया गया है उनमें शामिल हैं : छिन्दवाड़ा, बैतूल, शहडोल एवं अनूपपुर। इन चारों जिलों के कलेक्टरों को भी खनिज विभाग ने अवगत करा दिया है कि 'सीमा' के अध्ययन पर प्रतिष्ठान की निधि का उपयोग किया जायेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि वाल्मी के प्रस्ताव पर सेंटर फार एक्सीलेंस फार माईनिंग एफेक्टेड एरिया यानि 'सीमा' का गठन करने का निर्णय हुआ है। यह संस्थान बतायेगा कि खनन वाले क्षेत्र में सबसे पहले किस मद पर जिला खनिज प्रतिष्ठान की निधि का उपयोग किया जाये। ऐसा इसलिये किया गया जा रहा है ताकि खनन वाले क्षेत्र में सबसे पहले किस मद पर काम किया जाये, इसका पता चल सके और संबंधित क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण कार्य पर प्रतिष्ठान की निधि व्यय की जाये।


— डॉ. नवीन जोशी

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