एमपी टेण्डर पोर्टल के पासवर्ड न पहुंचे ठेकेदारों के पास
मुख्यमंत्री के सचिव ने सभी विभागों को दी हिदायत
10 दिसंबर 2020। मध्य प्रदेश की पिछली शिवराज सरकार में हुए ई-टेंडर घोटाले की परछाई अब तक बनी हुई है, इसीलिए मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात सचिव इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।इस कड़ी में ऑनलाईन टेण्डर के लिये बने एमपी टेण्डर पोर्टल के पासवर्ड टेण्डर भरने वाले ठेकेदारों के पास न पहुंचे इसलिये स्ट्रांग पासवर्ड बनाये जायें। यह हिदायत मुख्यमंत्री के सचिव एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार देख रहे एम सेल्वेन्द्रन ने सभी विभागों को जारी की है।
मुख्यमंत्री के सचिव ने अपनी हिदायत में कहा है कि एमपी टेण्डर पोर्टल पर बीओक्यु यानि बिल ऑफ क्वान्टिटिस फाईल्स (मेक्रो एनेबल्ड एक्सेल फाईल) का उपयोग टेण्डर भरने वाले ठेकेदारों द्वारा प्राईज बिड भरने के लिये किया जाता है। यह बीओक्यु फाईल्स टेण्डर बनाने वाले या यूजर डिपार्टमेंट द्वारा तैयार की जाती है। सुरक्षा उपायों के तहत सभी विभाग अपनी बीओक्यु फाईल्स खोलने के लिये स्ट्रांग पासवर्ड बनायें जोकि सात केरेक्टर का हो जिसमें अंग्रेजी के अल्फाबेट, न्युमरिकल्स और स्पेशल करेक्टर भी हों। इस पासवर्ड को किसी भी ठेकेदार को शेयर न किया जाये जिससे वे इन्हें देख नहीं सकें। इसका कड़ाई से पालन किया जाये।
हो चुका है ई-टेण्डर घोटाला :
मुख्यमंत्री के सचिव ने उक्त हिदायत इसलिये जारी की है क्योंकि शिवराज के पिछले कार्यकाल में ई-टेण्डर घोटाला हो चुका है तथा इस पर कार्यवाही पूर्व कमलनाथ सरकार ने ईओडब्ल्यु के माध्यम से की थी। यह कार्यवाही अभी पूर्ण नहीं हुई है परन्तु कोई नई गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। उक्त ई-टेण्डर घोटाले में भी निश्चित ठेकेदारों को लाभ देने के लिये ई-टेण्डर में हेरफेर की जाती थी।दोबारा यह घोटाला न हो इसलिये यह हिदायत जारी की गई है।
डॉ. नवीन जोशी/PNI
ई टेंडर घोटाले से डरी सरकार, सीएम सचिवालय कर रहा निगरानी
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1306
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