11 जून 2023। अब मध्य प्रदेश की सभी रेत खदानें राज्य खनिज निगम को दस साल के पट्टे पर दी जायेंगी और निगम पांच साल के लिये इन रेत खदानों की नीलामी करेगी। इसके लिये राज्य सरकार ने मप्र रेत खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार नियम 2019 में बदलाव जारी कर दिया है। निगम ही अब सभी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त कर रेत के ठेकों की नीलामी करेगा यानि ठेकेदार को कोई वैधानक अनुमतियां नहीं लेनी होगी।
नये बदलाव के अनुसार, अब नर्मदा नदी को छोडक़र शेष नदियों में रेत का खनन हो सकेगा जिसमें स्थानीय श्रमिकों की नियुक्ति जरुरी नहीं होगी। दरअसल पहले प्रावधान था कि नर्मदा नदी के अलावा अन्य नदियों में 5 हैक्टेयर क्षेत्रफल की खदानों में से रेत खनन, लोडिंग एवं भण्डारण स्थानीय श्रमिकों की समिति से कराया जायेगा तथा 5 हैक्टेयर से अधिक की रेत खदानों में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता दी जायेगी।
ऐे तय होगी आफसेट प्राईज :
सभी रेत समूहों में उपलब्ध रेत मात्र (घनमीटर में) के कुल योग का ढाई सौ गुना (रुपये में) उस समूह का प्रारंभिक आधार मूल्य यानि आफसेट प्राईस होगी।
- डॉ. नवीन जोशी

प्रदेश की सभी रेत खदानें दस साल के लिये राज्य खनिज निगम को पट्टे पर दी जायेंगी
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 1096
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