24 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विकास का मतलब केवल इमारतें और अधोसंरचना नहीं है। असली विकास तब होता है, जब समाज के हर वर्ग को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन मिले। इसी सोच के साथ राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री राजधानी में नव निर्मित सर्व-सुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास ‘संध्या छाया’ के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह ओल्ड एज होम सेवा भारती के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिकों को परिवार जैसा वातावरण देने का प्रयास किया गया है। डॉ. यादव ने कहा कि वृद्धजनों की सेवा केवल सरकार की नहीं, समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसी भावना से समाज को इस अभियान से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों में अपार बौद्धिक और रचनात्मक क्षमताएं होती हैं। सरकार उन्हें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने ओल्ड एज होम का निरीक्षण किया और वहां रह रहे एक दंपत्ति से संवाद कर उनका अभिवादन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 54.52 लाख से अधिक हितग्राहियों को 327.15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। साथ ही राज्य स्तरीय दिव्यांगजन ‘स्पर्श मेला-2026’ की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल है और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सोलर, विंड और पंप स्टोरेज जैसी परियोजनाएं प्रदेश के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इस बार दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं। विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगण्कर ने बताया कि ‘संध्या छाया’ लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें 34 कमरे और 56 वरिष्ठ नागरिकों के आवास की व्यवस्था है। यहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, पार्क और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
स्पर्श मेला-2026 में 450 से अधिक बच्चों ने खेल और अन्य गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।














