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India AI Impact Summit 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश, तकनीक वही जो इंसान के काम आए, मध्यप्रदेश अपना एआई मिशन जल्द करेगा लॉन्च

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 132

20 फरवरी 2026। नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा कि कोई भी तकनीक तभी उपयोगी है जब वह मानव हित में काम करे। उनके शब्दों में, एआई सिर्फ मशीनों का खेल नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और सर्वांगीण विकास का साधन है।

प्रदेश में स्टेट एआई मिशन की तैयारी
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश जल्द अपना स्टेट एआई मिशन लॉन्च करेगा। लक्ष्य साफ है – शासन प्रणाली को तकनीक आधारित बनाना, सार्वजनिक सेवाओं को तेज और पारदर्शी करना और नए आर्थिक अवसर पैदा करना।

उन्होंने कहा कि कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और प्रशासन में एआई का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इससे फैसलों की रफ्तार बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचेगा।

एआई आधारित डेटा सेंटर के लिए निवेश आमंत्रित
प्रदेश में एक बड़े एआई आधारित डेटा सेंटर की स्थापना की तैयारी है। सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त भूमि, ऊर्जा और संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित किया जा सकता है।

कृषि और स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई खेती में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। फसलों में रोग की समय पर पहचान, सिंचाई प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने में इसका सीधा फायदा मिलेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित जांच प्रणाली, दूरस्थ इलाकों में बेहतर निदान और सिकल सेल एनीमिया जैसी चुनौतियों से निपटने में तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।

सिंहस्थ 2028 में एआई की भूमिका
वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एआई आधारित डिजिटल कनेक्टिविटी और होमस्टे नेटवर्क मजबूत किया जाएगा।

पांच स्तंभों पर बनेगा एआई इको सिस्टम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सिर्फ एआई का उपयोग नहीं करेगा, बल्कि एआई विकसित करने की क्षमता भी तैयार करेगा। इसके लिए पांच स्तंभों पर इको सिस्टम बनाया जाएगा:
साझा जीपीयू और डेटा सेंटर आधारित कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
कॉलेजों में एआई शिक्षा और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन
स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और इन्क्यूबेशन
उद्योगों में एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन
रिसर्च और इनोवेशन सेंटर
भोपाल और इंदौर में एआई फोकस्ड एक्सेलेरेटर शुरू किए जाएंगे। सरकार एआई गवर्नेंस सैंडबॉक्स भी लॉन्च करेगी।

5 साल में 500 स्टार्टअप और 50 हजार रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में 500 से अधिक एआई स्टार्टअप और 50 हजार नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा। टेक्सटाइल, फार्मा, माइनिंग और ऑटो सेक्टर में एआई से उत्पादन क्षमता 15–20 प्रतिशत तक बढ़ाने का अनुमान है।

वैश्विक कंपनियों से संवाद
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने कई वैश्विक टेक कंपनियों से वन-टू-वन बैठक की।
NVIDIA के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी, स्टार्टअप्स को सस्ती जीपीयू उपलब्ध कराने और सॉवरेन एआई मॉडल पर चर्चा हुई।
Google Play के साथ गेमिंग स्टार्टअप्स, एआई स्किलिंग और इवेंट आयोजन पर विचार-विमर्श हुआ।
बेंगलुरु स्थित Sarvam AI के साथ भारतीय भाषाओं में सॉवरेन एआई प्लेटफॉर्म विकसित करने पर चर्चा हुई।
Submer Technologies के साथ ऊर्जा-कुशल एआई डेटा सेंटर तकनीक पर बातचीत हुई।

साफ संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रुख स्पष्ट है। एआई से डरने की जरूरत नहीं, उसे जिम्मेदारी से अपनाने की जरूरत है। उनका कहना है कि तकनीकी श्रेष्ठता के साथ नैतिकता और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है।

यदि योजनाएं जमीन पर उतरीं, तो एआई मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले वर्षों में बड़ा विकास इंजन बन सकता है।

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