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मोबाइल टॉवरों से घातक प्रदूषण, कार्रवाई करना राज्य की जिम्मेदारी

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Admin
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📍 Bhopal
मोबाइल टॉवरों से घातक प्रदूषण, कार्रवाई करना राज्य की जिम्मेदारी
10 जनवरी 2019। टेलीकॉम टावरों से फैलने वाले घातक ध्वनि प्रदूषण सहित अन्य समस्याओं के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है, जिसको कार्रवाई करनी चाहिए। इसके लिए डीओटी (डिपार्टमेंट और टेलीकॉम) या ट्राई जिम्मेदार नहीं है। इसके साथ ही मोबाइल टावरों से रेडिएशन से नुकसान पहुंचने की बातें भी निराधार हैं। वहीं लैपटाप को गोद में या पैरों के बीच रखकर आॅपरेट करने से पुरुषों में स्पर्म कम होने का खतरा बढ़ जाता है।



उक्ताशय के मिले-जुले विचार टेलीकॉम टावरों से निकलने वाली इलेक्ट्रॉमैग्नेटिक फील्ड (ईएमएफ) पर आयोजित अवेयरनेस वर्कशाप में मध्य प्रदेश एलएसए के सीनियर डिप्टी डायरेक्टर जनरल तुषार कांति पॉल, बीएसएनएल के सीजीएम महेश शुक्ला, विनोद गुप्ता (कम्प्लायंस, डीओटी), डॉ सुरेश अटीली, हिमाटोलॉजिस्ट, अजय पांडे अधिवक्ता, राकेश कुमार सिंघई, आरजीपीवी ने व्यक्त किए। वर्कशाप में विश्व स्वास्थ्य संगठन का हवाला देते दावा किया गया कि मोबाइल टॉवर पूरी तरह से सुरक्षित हैं, जिसने किसी भी तरह का खतरा मनुष्यों या पशु, पक्षियों के लिए नही है। आने वाले समय में 5 जी के लिए तो मोबाइल टावर ढाई सौ मीटर की दूरी पर लगाना पड़ेंगे। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि रेडियो फ्रीक्वेंसी फील्ड नियम भारत में 10 गुना सख्त हैं। डब्ल्यूएचओ के 25 हजार रिसर्च से भी साबित हो गया है कि इससे कैंसर नहीं होता है।



राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताई

यह सवाल पूछे जाने पर कि मोबाइल टॉवरों के जनरेटर से लेकर अन्य कारणों से फैलने वाले ध्वनि और वायू प्रदूषण से मानव जीवन के साथ ही पशु पक्षियों को भी नुकसान पहुंच रहा है तो इसके जवाब में कहा गया कि राज्य सरकार के साथ ही मप्र प्रदूषण निवारण मंडल की जिम्मेदारी है कि वह कार्रवाई करे। ऐसी कार्रवाई होती भी रहती है। डीओटी और ट्राई सिर्फ इलेक्ट्रॉमैग्नेटिक फील्ड से रेडिएशन के बारे में ही जिम्मेदार हैं। इसी के बारे में भ्रांतियां दूर करने के लिए अवेयरनेस की जरुरत है।



टावरों के बजाय मोबाइल पर चर्चा

टावरों को पूरी तरह सुरक्षित साबित करने की कोशिश के दौरान विशेषज्ञों ने मोबाइल फोनों के बारे में लंबी चर्चा की। इसके साथ ही लैपटाप के टेबिल के बजाय पैरों के बीच गोद में रखने से स्पर्म को नुकसान पहुंचने के बारे में भी जानकारी देते हुए सलाह दी गई कि लैपटाप हमेशा ही टेबिल पर रखने के बाद आपरेट किया जाए।





? डॉ. नवीन जोशी
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