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मध्य प्रदेश में दूध बेचने वालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य, मिलावट पर कड़ी निगरानी होगी

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 148

12 मार्च 2026। मध्य प्रदेश में अब घर-घर दूध बेचने वाले दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं को भी लाइसेंस लेना होगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इसके लिए निर्देश जारी करते हुए प्रदेश में सभी दुग्ध उत्पादकों का पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। अब दूध बेचने वाले छोटे डेयरी संचालकों को भी अन्य खाद्य कारोबारियों की तरह खाद्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।

इस कदम का मकसद दूध में मिलावट पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं तक शुद्ध दूध पहुंचाना है। प्राधिकरण ने दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं के पंजीयन और लाइसेंस से जुड़ी एडवाइजरी भी जारी कर दी है।

हर माह तैयार होगी निगरानी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 707 ग्राम दूध उपलब्ध है और कुल दूध उत्पादन करीब 225.95 लाख टन बताया जाता है।

प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से दूध की सप्लाई तो पहले से हो रही है, जिसकी गुणवत्ता की नियमित जांच भी होती है। लेकिन बड़ी मात्रा में दूध निजी डेयरी संचालकों द्वारा सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे विक्रेताओं की पहचान और उनके दूध की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए अब उनका रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध से जुड़े कारोबार की मासिक रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट हर महीने की 31 तारीख तक संबंधित विभाग को भेजनी होगी।

भोपाल में बनेगी राज्य स्तरीय दूध परीक्षण प्रयोगशाला

प्रदेश में दूध की गुणवत्ता जांच को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार भोपाल में एक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने जा रही है। यह लैब मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन परिसर में बनाई जाएगी।

इस प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता से लेकर विभिन्न संस्थाएं दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच करा सकेंगी। यह प्रदेश की पहली केंद्रीय राज्य स्तरीय लैब होगी, जहां दूध की 100 से अधिक मानकों पर जांच की सुविधा होगी।

इस लैब को NABL और FSSAI की मान्यता भी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में शुद्ध दूध की सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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