फ्लोर खाली कराकर सभी कर्मचारियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
प्रदेश में अभी तक कोई पाजीटिव प्रकरण नहीं
19 मार्च 2020। भोपाल के महाराणा प्रताप नगर स्थित एक होटल में नोवल कोरोना वायरस के संभावित मरीजों की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा केन्द्र सरकार की गाइडलाईन अनुसार त्वरित कार्यवाही की गई। यात्री जिस कमरे में ठहरा था, उस कमरे सहित इस फ्लोर के सभी कमरों को तत्काल खाली करवा दिया गया है। होटल में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों का चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी कर्मचारी स्वस्थ पाये गये। संभावित चार मरीजों को सर्विलेंस एवं आईसोलेशन में रखा गया है ।
नोवल कोरोना वायरस बीमारी का प्रदेश में अभी तक कोई पाजीटिव प्रकरण नहीं है। संक्रमण से निपटने के लिये राज्य शासन ने निगरानी और नियंत्रण के उपायों को सुदृढ़ किया है। राज्य सर्विलेंस इकाई से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज तक नोवल कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आने वाले 1000 यात्रियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 541 यात्री अपने घरों में आइसोलेशन में रखे गए हैं तथा 382 यात्रियों का सर्विलेंस पूरा हो चुका है।
संभावित 43 प्रकरणों के सेम्पल जाँच के लिए NIV पुणे, इन्दिरा गाँधी शासकीय मेडिकल कॉलेज नागपुर, एम्स भोपाल एवं एन.आई.आर.टी.एच. जबलपुर भेजे गए थे, जिनमें से 29 की रिपोर्ट निगेटिव आई है तथा 14 की रिपोर्ट आना बाकी है। इन्दौर, भोपाल, जबलपुर, छतरपुर और ग्वालियर एयरपोर्ट पर प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। आज तक 12 हजार 32 यात्रियों की इन्दौर,भोपाल,ग्वालियर, छतरपुर एवं जबलपुर एयरपोर्ट में स्क्रीनिंग की जा चुकी है। बीमारी की जानकारी और मार्गदर्शन के लिये राज्य स्तर पर क्रियाशील कॉल सेन्टर 104 को अब तक 1764 काल प्राप्त हुई है।
भोपाल के एक होटल पर कोरोना वायरस की संभावना पर गाइड-लाइन अनुसार कार्यवाही
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1530
Related News
Latest News
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और अकासा एयर के बीच सतत विमानन ईंधन (SAF) आपूर्ति को लेकर आशय पत्र पर हस्ताक्षर
- Gmail को पर्सनल AI कमांड सेंटर बनाने की तैयारी में Google, बदल सकता है अरबों लोगों का डिजिटल वर्कफ़्लो
- भारत का एनर्जी सेक्टर 500 अरब डॉलर का अवसर, निवेशकों के लिए खुला मैदान: प्रधानमंत्री मोदी
- भारत-ईयू व्यापार समझौता: ब्रसेल्स को पूरब में साझेदार की इतनी जल्दी क्यों है?
- डीपफेक का बढ़ता खतरा: जब तकनीक ग्लोबल राजनीति को अस्थिर करने लगे
- मंत्रि-परिषद के अहम फैसले: पंचमढ़ी नजूल भूमि से लेकर सिंचाई, रोजगार और वन संरक्षण तक बड़े निर्णय
Latest Posts














