🔴 TRENDING NOW!
बिजनेस मीटिंग से ग्लोबल समिट तक, MICE पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश भारत स्वस्तिक यात्रा का झाँसी पड़ाव: मोरारी बापू ने कहा, स्वस्तिक का केंद्र बिंदु परब्रह्म परमात्मा हैं, जिनका नाम राम है पासवर्ड था ‘123456’, खतरे में पड़ गई 88 लाख लोगों की पहचान! डीपी वर्ल्ड भारत में दिव्यांग लोगों के लिए गोल्फ के नए अवसर उपलब्ध कराएगा भारत स्वस्तिक यात्रा की ओंकारेश्वर में रामकथा ने आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत को किया रेखांकित भोपाल में इलेक्रामा रोड शो, भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका पर जोर AI के बढ़ते खतरे पर एंथ्रोपिक की चेतावनी: स्मार्ट TV, ओवन और दूसरे घरेलू उपकरण बन सकते हैं निशाना सीएम डॉ. मोहन की अध्यक्षता में हुए कई अहम फैसले, जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए विशेष कंपनी के गठन की मंजूरी OpenAI के इंजीनियर पर गोपनीय बैठकों की जासूसी का आरोप, कॉन्फ्रेंस रूम में रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने के मामले में गिरफ्तारी रूस के लिए भारत बना हुआ है ‘स्वाभाविक साझेदार’, जयशंकर ने बताया क्यों अहम हैं मॉस्को से रिश्ते

प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर होंगे मनरेगा के तहत निर्माण कार्य

👤
DD
👁 1913 व्यूज
📍 Bhopal
प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर होंगे मनरेगा के तहत निर्माण कार्य
7 नवंबर 2020। प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर मनरेगा के तहत निर्माण कार्य होंगे। ये निर्देश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने वीडियो कान्फ्रेन्स में दिये हैं।
कान्फ्रेन्स में कहा गया है कि रीवा सहित सभी जिले, जिला कलेक्टर के यहां दर्ज धार्मिक स्थलों/मंदिरों की सूची अनुसार, सभी पुजारियों की बैठक आयोजित करायेंगे एवं उपलब्ध भूमि में मनरेगा अंतर्गत लिये जाने वाले सभी कार्य यथा एप्रोच ग्रेवल रोड, तालाब, खेत तालाब निर्माण, वानिकी एवं फलोद्यान परियोजना, मंदिर में आने-जाने वाले श्रध्दालुओं की संख्या अधिक होने पर सामुदायिक शौचालय काम्प्लेक्स निर्माण, मंदिर गौशाला आदि कार्यों को आवश्यक्तानुसार स्वीकृत कर क्रियान्वित करायेंगे।
बंद हुई पीएम की गरीब कल्याण योजना :
वीडियो कान्फ्रेन्स में बताया गया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की अवधि 24 अक्टूबर 2020 को खत्म हो गई है तथा इस योजना के तहत हुई भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये यह योजना देश के छह राज्यों यथा मप्र, बिहार, उप्र, राजस्थान, झारखण्ड एवं उड़ीसा में 125 दिनों के लिये 20 जून 2020 से प्रारंभ की गई थी। इसके लिये केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपयों का बजट उपलब्ध कराया था


- डॉ. नवीन जोशी/PNI
Tags :